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“ऑपरेशन सिपाही रक्षासूत्र” से अब पूरा छत्तीसगढ़ एकजुट, सैनिकों को भेजी जाएगी 21 लाख राखियां

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रायपुर संवाददाता- रघुराज

रायपुर, पूर्व सैनिक संगठन “सिपाही” (पूर्व सैनिक महासभा) द्वारा चलाया जा रहा राष्ट्रव्यापी अभियान “ऑपरेशन सिपाही रक्षासूत्र” इस वर्ष और भी व्यापक रूप ले चुका है। छत्तीसगढ़ शासन की स्वीकृति के साथ-साथ अनेक राष्ट्रवादी संगठन इस महत्वपूर्ण पहल से जुड़ गए हैं। यह अभियान पिछले दो वर्षों से भारी जन समर्थन के साथ जारी है।

“ऑपरेशन सिपाही रक्षासूत्र” के आयोजक पूर्व सैनिक संगठन “सिपाही” के साथ अब मुख्यतः पूर्व सैनिक महासभा के सभी 16 पूर्व सैनिक संगठन, “सिपाही शक्ति” (सैन्य मातृशक्ति), अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, भारतीय जनता पार्टी सैन्य प्रकोष्ठ (छत्तीसगढ़), भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा (छत्तीसगढ़), प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय (छत्तीसगढ़), आर्य समाज (छत्तीसगढ़), जय वंदेमातरम् (बिलासपुर), अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा वीरांगना, लायंस क्लब (छत्तीसगढ़), विभिन्न शैक्षणिक संस्थान, राष्ट्रवादी सामाजिक संगठन और छत्तीसगढ़ का प्रबल राष्ट्रवादी जनमानस बड़े उत्साह के साथ इस कार्यक्रम में शामिल हो गया है।

अभियान की उपलब्धियां और लक्ष्य:
पूर्व सैनिक संगठन “सिपाही”, पूर्व सैनिक महासभा व भाजपा सैन्य प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह राणा ने बताया कि वर्ष 2023 में 6.71 लाख और वर्ष 2024 में 9 लाख “सिपाही रक्षासूत्र” छत्तीसगढ़ से सेना मुख्यालय तक निःशुल्क पहुंचाकर एक कीर्तिमान स्थापित किया गया है। “तिरंगा सिपाही और मेरा देश” अभियान भी हर वर्ष 26 जुलाई (कारगिल विजय दिवस) से 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) तक विजय पखवाड़े के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष “ऑपरेशन सिंदूर” के शौर्य पर देशवासियों का सम्मान और प्रेम “ऑपरेशन सिपाही रक्षासूत्र” के माध्यम से पहुंचने जा रहा है। इस रक्षाबंधन पर भारत की तीनों सेनाओं और सीमा सुरक्षा बलों के 21 लाख वीर सैनिकों को माटी से तिलक कर “सिपाही रक्षासूत्र” पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। यह अभियान देश और प्रदेश दोनों के लिए गौरव का विषय है।

प्रमुख हस्तियों का समर्थन:
भाजपा प्रदेश महामंत्री और नान के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने इस देश-प्रदेश की मार्मिक भावना और भारतीय सेना से जुड़े कार्यक्रम में पूर्व सैनिक संगठन “सिपाही” को पूर्ण सहयोग देने का आह्वान किया, ताकि भारत में छत्तीसगढ़ का नाम उत्तम राष्ट्रभक्तों में अंकित हो सके। उन्होंने कहा कि यह अभियान सेना के शौर्य को देशवासियों के समर्पण और राष्ट्र प्रेम से जोड़ता है। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष और हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत ने कहा कि पिछले दो वर्षों में पूर्व सैनिक भाइयों ने छत्तीसगढ़ का मान राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है। इसे और व्यापक बनाने के लिए इस वर्ष अधिक सक्रियता और राष्ट्र प्रेम से “सिपाही रक्षासूत्र” एकत्र किए जाएं।

कैसे भेजें “सिपाही रक्षासूत्र”:
“सिपाही रक्षासूत्र” अभियान इस वर्ष 20 जुलाई को छत्तीसगढ़, रायपुर से प्रारंभ होगा और वाराणसी (उत्तर प्रदेश), छतरपुर (मध्य प्रदेश), ग्वालियर (मध्य प्रदेश), धौलपुर (राजस्थान) होते हुए सेना मुख्यालय दिल्ली पहुंचेगा। सेना मुख्यालय से अनुमति मिलने पर यह “ऑपरेशन सिंदूर” के शौर्य स्थल आदमपुर (पंजाब) तक भी जाएगा।

“सिपाही रक्षासूत्र” में एक चुटकी मिट्टी (तिलक के लिए) और राखी (रक्षासूत्र) के साथ एक पत्र (जिसमें पता/फोन नंबर लिखा जा सकता है) को किसी भी लिफाफे में डालकर बंद करके संकलन केंद्रों में जमा करना होगा। रक्षासूत्रों का एकत्रीकरण प्रदेश के सभी स्कूल-कॉलेजों, विभागों और सामाजिक संगठनों द्वारा किया जाएगा। इन्हें सूची व संख्या के साथ 20 जुलाई तक “सिपाही” पूर्व सैनिक महासभा के चिह्नित संकलन केंद्रों तक पहुंचाना होगा। 20 जुलाई के बाद संस्थाएं “सिपाही रक्षासूत्र” प्रबंधकों से संपर्क कर अभियान मार्ग के प्रमुख स्थल तक पहुंचाने की व्यवस्था करेंगी, जिसे पूर्व सैनिक देशवासियों के इस अनुकरणीय प्रेम के प्रतीक रक्षासूत्र को सड़क मार्ग से सेना मुख्यालय व सीमाओं तक पहुंचाएंगे।

रक्षा सूत्र एकत्र करने के लिए मिट्टी, राखी और पत्र के साथ प्रेषक संस्था का नाम, पता व कुल संख्या लिखकर (मोबाइल नंबर – 9039742242) पर Whatsapp संपर्क किया जा सकता है।

यह अभियान यात्रा 20 जुलाई को रायपुर से प्रारंभ होकर भिलाई, दुर्ग, राजनांदगांव, खैरागढ़, कवर्धा, लोरमी, अकलतरा, जांजगीर, सक्ती, रायगढ़, खरसिया, चांपा, कोरबा, पाली, रतनपुर, बिलासपुर, कटघोरा, अंबिकापुर, प्रतापपुर, वाड्रफनगर, रेनुकोट, वाराणसी, प्रयागराज, रीवा, मैहर, पन्ना, श्री बागेश्वर बालाजी धाम, खजुराहो, ओरछा, झांसी, दतिया, डबरा, ग्वालियर, मुरैना, धौलपुर, आगरा, मथुरा होते हुए 1 अगस्त को नई दिल्ली पहुंचेगी।

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