सुकमा संवाददाता – पोडियामी दीपक
सुकमा जिले के पोटकपल्ली गांव में तीन सप्ताह पहले घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया।
पानी टंकी के पास खुले छोड़े गए सोखता टैंक के गड्ढे में गिरने से एक तीन वर्षीय मासूम बच्चे दीरदो चंदू की दर्दनाक हो गई मौत।
इस घटना की जानकारी मिलते ही प्रदेश कांग्रेस के सचिव दुर्गेश राय पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे घटना स्थल पोटकपल्ली गांव।
परिजनों से मुलाकात के दौरान दुर्गेश राय ने मासूम की मां रामे से घटना का पूरा विवरण सुना।
आंखों में आंसू लिए मां ने बताया कि हादसे के दिन वह खेत में काम कर रही थी और बच्चा घर के आंगन में खेल रहा था।
तभी पास ही बने पानी टैंक के बगल में बिना ढके छोड़े गए सोखता गड्ढे में वह गिर गया।
घर लौटने पर जब उसने अपने लाल को आंगन में मृत पड़ा देखा, तो उसकी दुनिया उजड़ गई।
मां ने बताया कि इस गड्ढे को कई बार भरने और बंद करने की मांग गांव के पूर्व सरपंच और सचिव से की गई थी। लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
प्रशासन की इस लापरवाही ने उसकी गोद सूनी कर दी।दुर्गेश राय ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा,घटना को तीन सप्ताह बीत चुके हैं लेकिन अब तक न कोई जांच अधिकारी आया, न ही कोई कार्रवाई हुई।
उन्होंने सरकार से मृतक परिवार को मुआवजा देने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
गांव में मातम पसरा है और लोग अब एक ही सवाल पूछ रहे हैं—क्या मासूम की जान की कोई कीमत नहीं?









