2 अगस्त को हम उस महान व्यक्तित्व की जयंती मनाते हैं, जिनकी कल्पना और समर्पण ने भारत को उसका गौरवपूर्ण राष्ट्रीय ध्वज – तिरंगा – प्रदान किया। वह नाम है पिंगली वेंकय्या। वे स्वतंत्रता संग्राम के एक ऐसे सिपाही थे, जिन्होंने न केवल राजनीतिक रूप से बल्कि प्रतीकात्मक रूप से भी भारत को एकजुट किया।
जीवन परिचय:
पिंगली वेंकय्या का जन्म 2 अगस्त 1876 को आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम में हुआ था। वे एक बहुभाषाविद, भूवैज्ञानिक, किसान, शिक्षाविद और देशभक्त थे। ब्रिटिश भारतीय सेना में सेवा देने के बाद उन्होंने राष्ट्र सेवा को अपना जीवन समर्पित कर दिया।
तिरंगे की परिकल्पना:
वेंकय्या ने अनेक बार राष्ट्रीय ध्वज की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने विभिन्न डिजाइनों पर काम किया और महात्मा गांधी को एक प्रस्तावित झंडा दिखाया, जिसे आगे संशोधित कर 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने भारत का आधिकारिक ध्वज घोषित किया। इसमें तीन रंग – केसरी, सफेद और हरा – तथा बीच में अशोक चक्र सम्मिलित किया गया।
योगदान की उपेक्षा:
दुखद बात यह है कि इतने महान योगदान के बावजूद पिंगली वेंकय्या को आज भी अपेक्षित सम्मान नहीं मिल पाया है। उनका जीवन आर्थिक तंगी में बीता और 1963 में उनका निधन हुआ।









