रतनपुर संवाददाता – विमल सोनी
रतनपुर कोटा आज पूरी सडक श्रद्धा के रंग मे डूबा नजर आया ज़ब रतनपुर कोटा और अन्य आसपास के लोग शनिवार रात अपने अपने साधन से बेलपान पहुंच सुबह 4 बजे से अपने कांवर मे जल भरकर रतनपुर बूढा महादेव मंदिर की ओर निकल पड़े, जहाँ सुबह से ही पूरी सड़क भक्ति मय नजर आई लोग ढ़ोल नगाड़ो के साथ बोल बम के नारे लगाते झूम रहे थे पूरा वातावरण श्रद्धा मे डूबा नजर आया,,
रास्ते मे कावड़ियों के लिए कोटा से लेकर रतनपुर तक चाय नास्ता फल फूल और भोजन की व्यवस्था कई समाजिक सांगठनों के द्वारा किया गया था,,

रतनपुर मॉर्निंग ग्रुप एंवम मनीकंचन ग्रुप के सदस्यों के द्वारा इस बार सभी पद यात्रियों ओर शिव भक्तो के लिए केले और सेव की व्यवस्था की गईं थी साथ ही रतनपुर अग्रवाल समाज, और व्यापारी संघ पुरे रतनपुर मे इन शिवभक्तो की स्वागत की तैयारी मे लगे है.. रविवार रात भक्तो के लिए महामाया धर्मशाला मे धार्मिक गाने बजाने की व्यवस्था आर्केस्ट्रा के साथ भोजन की व्यवस्था रहती है बरसो से यह परपरा रतनपुर मे चलते आ रही जहां भक्त पुरे तन मन से पहुंचते है
श्रावण मास में कांवरिया लोग पैदल यात्रा करके भगवान शिव को जल चढ़ाने जाते हैं। इसे “कांवर यात्रा” कहा जाता है।
आस्था का प्रतीक:
कांवर यात्रा भगवान शिव के प्रति गहरी श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है।
गंगाजल का महत्व:
कांवरिये नर्मदा, गंगा नदी से जल भरकर लाते हैं और शिवलिंग पर चढ़ाते हैं।
सावन का महीना:
यह यात्रा श्रावण मास में विशेष रूप से की जाती है, जो भगवान शिव का प्रिय महीना है।
पैदल यात्रा:
कांवरिये लंबी दूरी तक नंगे पैर पैदल चलते हैं, जो उनकी तपस्या और समर्पण को दर्शाता है।
बोल बम का नारा:
कांवरिया रास्ते में “बोल बम” का जयकारा लगाते हुए चलते हैं।
कल सोमवार सुबह होगा बूढा महादेव जलाभिषेक
पारंपरिक महत्व:
कांवर यात्रा का धार्मिक और सामाजिक दोनों महत्व है, जो एकता और समर्पण का संदेश









