रतनपुर संवाददाता – विमल सोनी
इस बार गणेश चतुर्थी पर, कई गणेश पंडालों में बड़ी मूर्तियां और आकर्षक थीम वाली सजावटें देखने को मिलेंगी। इसी तर्ज मे हमारे रतनपुर बज्र गणेश उसत्व समिति पुराना बस स्टेण्ड समिति के द्वारा इस बार आकर्षक पंडाल और विशेश लाइट के सात के एक वृहद और दर्शनीय मूर्ति की स्थापना की जा रही है जिसकी चर्चा शहर मे चारो और की जा रही है, समिति के सदस्य हर वर्ष की भांति यहाँ इस बार भी गणेश मूर्ति की स्थपना इस उतस्व मे कर रहे है जहाँ इनकी तैयारी जोर शोर से चल रही है समिति नें बताया 24 अगस्त को भगवान गणेश जी का आगमन बंटी धुमाल बिलासपुर पार्टी साउंड के साथ होगा जिसमे उनके आगमन पर कई विशेष झाँकिया रहेगी जो अभी सस्पेंस मे रहेगी , रतनपुर का महाराजा इस वृहद मूर्ति की कला कलकत्ता के कारीगररो द्वारा किया जा रहा जिसका अंतिम मूल स्वरूप बाकि है जो जल्द ही पूर्ण हो जाएगी,
गणेश चतुर्थी पर पंडालों की सजावट और मूर्ति स्थापना:
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बड़ी मूर्तियां:
गणेश चतुर्थी पर, 12 फीट तक की ऊंची गणेश प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं।
पंडालों की सजावट:
पंडालों को रंगीन कपड़ों, फूलों, झालरों, गुब्बारों और रंगीन कागजों से सजाया जाता है।
प्रकाश व्यवस्था:
पंडालों में रंगीन लाइटें लगाई जाती हैं, खासकर गणेश प्रतिमा के आसपास।
शुभ मुहूर्त:
गणेश प्रतिमा की स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त का ध्यान रखा जाता है।
साफ-सफाई:
पंडालों और मूर्ति स्थापना के स्थान को साफ-सुथरा रखा जाता है।
पूजा सामग्री:
पूजा के लिए आवश्यक सामग्री जैसे धूप, दीप, नैवेद्य, फूल, आदि का प्रबंध किया जाता है।
आरती:
गणेश चतुर्थी पर, सुबह और शाम को आरती की जाती है।
विसर्जन:
दस दिन के बाद, गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है।
गणेश चतुर्थी का महत्व:
गणेश चतुर्थी, भगवान गणेश के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है।
गणेश चतुर्थी, शुभ, समृद्धि और सुख-शांति का प्रतीक है।









