बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
जिला शहरी कार्यक्रम प्रबंधक पीडी बस्तिया के मार्गदर्शन में अभियान
जगदलपुर। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक के निर्देशानुसार जिला शहरी कार्यक्रम प्रबंधक पीडी बस्तिया के मार्गदर्शन मे स्वास्थ मेला, स्तनपान एवं वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पर विशेष जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जगदलपुर शहरी क्षेत्र मे किया गया।
1 से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया गया। इस वर्ष 2025 की थीम है “स्तनपान को प्राथमिकता दें: स्थायी सहायता प्रणालियां बनाएं। इसका उद्देश्य माताओं को स्तनपान के प्रति जागरूक करना, समाज में सहयोगी वातावरण बनाना और बच्चों को कुपोषण से बचाना है। मां का दूध नवजात के लिए सम्पूर्ण आहार है। इसमें मौजूद पोषक तत्व बच्चे की वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक हैं। इसमें विशेष एंटीबॉडीज होती हैं, जो शिशु को संक्रमण, दस्त, निमोनिया जैसी बीमारियों से बचाती हैं। स्तनपान एलर्जी, अस्थमा, मोटापा और डायबिटीज के खतरे को भी कम करता है। शोध बताते हैं कि स्तनपान से बच्चों का बौद्धिक और भावनात्मक विकास बेहतर होता है।

स्तनपान माताओं के लिए भी फायदेमंद
स्तनपान से माताओं में स्तन एवं डिम्बग्रंथि कैंसर, टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कम होता है। यह प्रसवोत्तर रक्तस्राव को घटाता है, वजन नियंत्रण में मदद करता है और गर्भावस्था के बाद शरीर को जल्दी स्वस्थ बनाता है। साथ ही, माँ और शिशु के बीच भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करता है।

वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पर फोकस
भारत सरकार का राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया, कालाजार, चिकनगुनिया और जापानी इंसेफेलाइटिस जैसे मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए संचालित है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जगदलपुर शहरी क्षेत्र मे मच्छरदानी वितरित की जा रही है मच्छरदानी और रिपेलेंट्स का नियमित उपयोग करने की सलाह दी गई। लोगों से कहा गया कि घर व आसपास जल-जमाव न होने दें। बुखार, दाने, कमजोरी जैसे लक्षणों पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र जाएं। सरकारी टीकाकरण और स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भाग लें। सामुदायिक सहयोग से इन रोगों की रोकथाम संभव है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ
विशेषज्ञों का कहना है कि स्तनपान माँ और शिशु दोनों के लिए जीवन रक्षक है, वहीं वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए जागरूकता, स्वच्छता और सामुदायिक भागीदारी आवश्यक है। समाज के हर वर्ग को इसमें सक्रिय योगदान देना चाहिए, तभी हम स्वस्थ, सुरक्षित और खुशहाल भविष्य की ओर बढ़ सकते हैं।









