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जिन हाथों में कभी होती थी रायफल, उन हाथों में नजर आई रेशम की डोरियां

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बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा

 यही तो है तेजी से बदलते बस्तर की असल तस्वीर 
 आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों और लेडी कमांडो ने बांधी डिप्टी सीएम शर्मा एवं मंत्री कश्यप को राखी 

जगदलपुर। भारतीय जनता पार्टी की सरकार और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में बस्तर तेजी से बदल रहा है। जो बहनें कभी नक्सली संगठन में रहते हुए एके-47, रायफल जैसे घातक हथियार थामे जंगलों में घूमा करती थीं, आज उनके हाथों में रेशम की सतरंगी डोरियां नजर आईं।उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलके जा रहे थे। राखी बंधवाने वाले दोनों ‘भाई’ भी भाव विव्हल हो उठे थे। यह बड़ा भावुक क्षण था, जब आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों और जंगलों में अपनी जान की बाजी लगाकर नक्सलियों से लोहा लेने वाली लेडी कमांडो राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा तथा वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप की कलाइयों में राखी बांध रही थीं।


यह भावपूर्ण दृश्य रक्षा बंधन के पावन अवसर पर बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले में देखने को मिला। यहां बड़ी संख्या में आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों का पुनर्वास किया गया है। उन्हें प्रगतिशील समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कौशल विकास, कुटीर उद्योग आदि का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। वहीं नक्सलवाद के खात्मे के लिए ऑपरेशन में सुरक्षा बलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी महिला कमांडो भी यहीं पर कैंप में रहती हैं। उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप आज अपनी इन मुहबोली बहनों से राखी बंधवाने दंतेवाड़ा पहुंचे थे। महिला कमांडो जहां पूरी वर्दी में थीं, वहीं आत्मसमर्पित नक्सली महिलाएं आकर्षक साड़ियां पहनकर एवं श्रृंगार करके अपने इन दोनों भाइयों पर अपना स्नेह उंडेलने पहुंची थीं। सभी बहनों ने श्री शर्मा और श्री कश्यप को बारी बारी से राखी बांधी, मिठाई खिलाई, उन पर अक्षत पुष्प की वर्षा की और उनसे रक्षा का वचन लिया। आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों के चेहरों पर जहां पूर्ण सुरक्षा और निश्चिंतता का भाव झलक रहा था, वहीं महिला कमांडो राज्य की बागडोर सम्हाल रहे अपने इन दोनों भाइयोंकी कलाइयों में रेशम की डोर बांधते हुए आत्म गौरव से परिपूर्ण नजर आ रही थीं। बड़ा ही विलक्षण और सुखद अनुभूति देने वाला नजारा था वहां।

31 मार्च 2026 तक बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त करने के देश के गृहमंत्री अमित शाह संकल्प को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रण प्राण से जुटे राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के सतत प्रयासों और बस्तर के वरिष्ठ आदिवासी नेता एवं वन मंत्री केदार कश्यप के पूर्ण सहयोग से बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में अब अमन की बयार बहने लगी है। शांति लौट आई है, जो हाथ कभी हथियार थामते थे, आज उन्हीं हाथों से सरकार के मंत्री राखी बंधवा रहे थे।सब संभव हुआ है सुशासन सरकार के मंत्री विजय शर्मा और केदार कश्यप के सार्थक प्रयासों के दम पर। ये दोनों नेता बस्तर की खुशहाली और सुख शांति के लिए जो पहल करते आ रहे हैं, उनके सार्थक परिणाम बस्तर की धरती पर दिखने भी लगे हैं। समूचे बस्तर संभाग में विकास की गंगा बह रही है। जिन इलाकों में सूरज की किरणें भी नहीं पहुंच पाती थीं और जहां नक्सलियों की इजाजत के बगैर परिंदा भी पर नहीं मार सकता था, उन गांवों में भी पेयजल, बिजली, सड़क, स्कूल, मोबइल कनेक्टीविटी. जैसी सुविधाएं पहुंच चुकी हैं। अंदरूनी गांवों के लोगों ने पहली बार जाना है कि विकास के मायने क्या होते हैं? उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप अक्सर सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर जैसे अति नक्सल प्रभावित अंदरूनी गांवों में जाकर ग्रामीणों एवं आदिवासियों से सतत संवाद बनाए रख उनका भरोसा जीतने में कामयाब रहे हैं। यही वजह है ग्रामीणों ने नक्सलियों की हिमायत करना छोड़ शासन प्रशासन के साथ तालमेल बिठाना शुरू कर दिया है। गांवों का तेजी से हो रहे विकास और शासन की योजनाओं से लोग खुशहाल हो रहे हैं।रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर आज दंतेवाड़ा में जो सुखद दृश्य दिखा, वह तेजी से बदलते बस्तर की एक बड़ी झलक है। इस साल का रक्षाबंधन केवल त्योहार नहीं, बल्कि बस्तर की नवचेतना, विश्वास और सामाजिक परिवर्तन का सशक्त प्रतीक भी बन गया।

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