कजरी तीज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला एक पवित्र और सांस्कृतिक पर्व है, जो खासकर उत्तर भारत के उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान में धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार कजरी तीज का पर्व 12 अगस्त 2025 को मनाया जाएगा।
यह व्रत विवाहित महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से निर्जला उपवास करती हैं। वहीं, कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत रखती हैं।
इस दिन महिलाएं पारंपरिक हरे वस्त्र पहनती हैं, 16 श्रृंगार करती हैं, गीत गाकर झूला झूलती हैं और लोक परंपराओं को जीवंत करती हैं। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर, उन्हें फल, फूल, मिठाई और श्रृंगार का सामान अर्पित किया जाता है। रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है।
कजरी तीज, प्रेम, श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक पर्व है जो भारतीय संस्कृति में स्त्री-शक्ति की भूमिका और पारिवारिक मूल्यों को दर्शाता है।








