-जिला पंचायत और जनपद पंचायत के जिम्मेदार ईमानदार हो तो करके दिखाओ कार्यवाही
-रोकने वाले ही जिम्मेदार निभाने को तैयार नहीं, सरपंच सचिव इंजीनियर कर रहे भ्रष्टाचार
एमसीबी- जिला अंतर्गत जनपद पंचायत भरतपुर के ग्राम पंचायत बेनीपुरा और केसौडा में आवंटित सामुदायिक शौचालय चढ़ा भ्रष्टाचार की भेंट।
जिले में ग्रामीण विकास को लेकर सरकार द्वारा चाहे लाखों करोड़ों का बजट ग्राम पंचायत को आवंटित किया जा रहा हो, मगर गांव में विकास के स्थान पर भ्रष्टाचार के सिवा कोई विकास नहीं किया जा रहा है,कुछ इसी प्रकार के आरोप ग्राम पंचायत बेनीपुर और केसोड़ा के ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं, ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव ने यहां विकास के नाम पर केवल भ्रष्टाचार किया है। ग्रामीणों को कहना है कि हम लोग सरपंच सचिव को कहते हैं तो उनके द्वारा कहा जाता है कि जितना हमको पैसा मिला था हम काम करा दिए, उक्त कार्य को बाहर प्लास्टर कराकर इंजीनियर की मिली भगत से मूल्यांकन करा सामुदायिक शौचालय की राशि पूर्ण रूप से आहरण कर लिया गया है और अंदर न प्लास्टर किया गया है नहीं टाइल्स मुर्गा सेट लगाया गया है खंडहर में तब्दील है सामुदायिक शौचालय। ग्रामीण वनांचल क्षेत्र में उच्च अधिकारियों के संरक्षण से ग्राम पंचायत का विकास ठप्प है, और सरपंच सचिव ने विकास के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार किया है।
घटिया निर्माण के चलते सामुदायिक शौचालय भवन जर्जर , ग्राम पंचायत में बने सामुदायिक शौचायलयों की जांच टीम गठित कर जांच कराई जाए जांच के दौरान गलत पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के प्रति कार्यवाही करते हुए घटिया एवं अपूर्ण बने सामुदायिक शौचालय का कार्य पूर्ण कराया जाए। अब देखना है कि उच्च जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा अपूर्ण कार्य को पूर्ण कराने में कितना निष्ठा पूर्ण भागीदारी निभा रहे हैं या फिर ग्रामीण क्षेत्र के विकास सिर्फ इसी तरह से कागजों में सिमट कर रह जाएगी और भ्रष्टाचारियों का हौसला बुलंद बरकरार रहेगा। ग्रामीण विकास के नाम पर भ्रष्टाचार का खेला चलता रहेगा।
हनुमान प्रसाद यादव









