महंत रामचंद्र दास परमहंस जी का जन्म वर्ष 1912 में हुआ था। वे अयोध्या के दिगंबर अखाड़े के महंत और श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख नेता रहे। उनका जीवन श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए समर्पित रहा। 31 जुलाई 2003 को उनका निधन हुआ, और उनकी पुण्यतिथि पर हर वर्ष श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया जाता है।
महंत परमहंस जी ने 1950 में रामलला के पूजन की अनुमति के लिए जिला न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया, जिसके परिणामस्वरूप आज तक श्रीराम जन्मभूमि पर पूजा-अर्चना होती आ रही है। वे 1949 से राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय रहे और 1975 में दिगंबर अखाड़े के श्री महंत बने। उनकी दूरदर्शिता और नेतृत्व में राम-जानकी रथयात्रा, धर्म संसदों का आयोजन और श्रीराम जन्मभूमि न्यास की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।
महंत रामचंद्र दास परमहंस जी का जीवन त्याग, तपस्या और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उनकी जयंती पर हम उनके योगदान को स्मरण करते हैं और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हैं।









