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शिव नगर वार्ड-23 में रेलवे की कार्रवाई से भड़का जनआक्रोश

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जांजगीर चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल

80 साल पुराने रास्ते को बंद करने पर विरोध, सैकड़ों लोग उतरे सड़क पर

जिला जांजगीर-चांपा , चांपा। सोमवार की सुबह शिव नगर वार्ड क्रमांक 23 में रेलवे विभाग की कार्रवाई ने पूरे मोहल्ले में आक्रोश की आग भड़का दी। रेलवे ने अचानक 80 साल पुराने आम रास्ते को बंद करने की कोशिश की, जिससे वहां के सैकड़ों महिला, पुरुष और बच्चे सड़क पर उतर आए। देखते ही देखते स्टेशन रोड पर जाम की स्थिति बन गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

वर्षों पुराना रास्ता, जनता की जीवनरेखा

वार्ड क्रमांक 23 के लोग दशकों से इस आम रास्ते का उपयोग कर रहे थे। यह मार्ग केवल आवाजाही का साधन ही नहीं बल्कि स्थानीय नागरिकों के दैनिक जीवन की जरूरत से भी जुड़ा हुआ है। अचानक इसे बंद करने की कोशिश ने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया।

विरोध में उतरे महिला व बच्चे

जैसे ही रेलवे पुलिस रास्ता बंद करने पहुंची, मोहल्ले की महिलाएं और बच्चे भी सड़कों पर उतर आए। स्टेशन रोड पर भीड़ जमा हो गई और विरोध तेज हो गया। जनता का कहना था कि इस रास्ते को बंद करना उनकी मूलभूत सुविधाओं से छेड़छाड़ है।

प्रशासन और नेताओं की मौजूदगी

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार प्रशांत पटेल मौके पर पहुंचे। वहीं क्षेत्रीय विधायक व्यास नारायण कश्यप और कांग्रेस नेता राजेश अग्रवाल भी वहां पहुंचे और लोगों की बात सुनी। दोनों दलों के नेताओं की मौजूदगी से मामला और गंभीर हो गया।

विधायक व्यास नारायण कश्यप ने मौके पर रेलवे अधिकारियों से साफ कहा कि यह रास्ता जनता की जरूरत है, इसे बंद करना जनहित के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर रेलवे अपनी जिद पर अड़ा रहा तो वे हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे।

30 अगस्त तक मिली राहत

रेलवे अधिकारियों से चर्चा के बाद फिलहाल रास्ता बंद करने की कार्रवाई रोक दी गई और 30 अगस्त तक का समय दिया गया है। इससे मोहल्लेवासियों को फिलहाल राहत मिली और उन्होंने आंदोलन को शांत किया।

सवाल खड़े करता है रेलवे का रवैया

इस पूरे घटनाक्रम ने रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना जनता को विश्वास में लिए, वर्षों पुराने रास्ते को बंद करने की कोशिश न केवल असंवेदनशीलता को दर्शाती है बल्कि नागरिक अधिकारों की अनदेखी भी है।

आगे की राह

मामला अभी शांत जरूर हुआ है, लेकिन रेलवे की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। यदि 30 अगस्त के बाद भी समाधान नहीं निकलता है तो शिव नगर के लोग आंदोलन और कानूनी लड़ाई दोनों के लिए तैयार हैं।

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