नारायणपुर-
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को एक और बड़ी उपलब्धि मिली है। नारायणपुर पुलिस के सामने बुधवार (20 अगस्त 2025) को कुल 8 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें दो महिला नक्सली और नक्सल संगठन का बड़ा चेहरा DVCM डॉ. सुकलाल भी शामिल है। इन सभी पर मिलाकर 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण की वजह
नक्सलवाद की विचारधारा से निराश होकर और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन माओवादियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया। ये सभी नक्सली लंबे समय से अबूझमाड़ के कुतुल इलाके में सक्रिय थे।
पुलिस और प्रशासन की जीत
नारायणपुर पुलिस अध्यक्ष रॉबिंसन गुड़िया के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के सामने आने से सुरक्षा बलों को बड़ी राहत मिली है। लगातार चल रहे ऑपरेशन और सर्च अभियान के दबाव के कारण नक्सल संगठन में भी दरारें साफ दिखने लगी हैं।
क्यों अहम है यह सरेंडर?
8 नक्सलियों में शामिल डॉ. सुकलाल का नाम संगठन में बेहद अहम माना जाता रहा है।
सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सरेंडर करने वाले नक्सलियों को सुरक्षा, पुनर्वास और आर्थिक मदद दी जाएगी।
अबूझमाड़ जैसे कठिन इलाकों से नक्सलियों का बाहर आना सुरक्षा बलों की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
“नक्सलवाद के खिलाफ सरकार और जवानों की लगातार मेहनत अब रंग ला रही है। ऐसे आत्मसमर्पण यह साबित करते हैं कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है और मुख्यधारा में लौटने का रास्ता चुनने वालों की संख्या बढ़ रही है।“









