1. मोदक
मोदक को भगवान गणेश का सबसे प्रिय भोग माना जाता है। यह चावल के आटे से बने मीठे पकवान होते हैं, जिनमें नारियल और गुड़ का भरावन होता है। मोदक बुद्धि और मिठास का प्रतीक है।
2. मोतिचूर लड्डू
मोतिचूर लड्डू छोटे-छोटे बेसन के बूंदी से बने होते हैं, जो भगवान गणेश को अत्यंत प्रिय हैं। इनका अर्पण करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
3. श्रिखंड
श्रिखंड एक गाढ़ा और मीठा दही का व्यंजन है, जिसे केसर और इलायची से स्वादिष्ट बनाया जाता है। यह भगवान गणेश को ठंडक और मिठास प्रदान करता है।
4. पूरण पोली
पूरण पोली एक मीठी रोटी होती है, जिसमें चने की दाल और गुड़ का मिश्रण भरा जाता है। यह महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी के अवसर पर विशेष रूप से तैयार की जाती है।
5. केले
केले को पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। गणेश पूजा में केले अर्पित करने से जीवन में स्थिरता और उन्नति आती है।
6. नारियल
नारियल का अर्पण आत्म-समर्पण और शुद्धता का प्रतीक है। गणेश जी को नारियल अर्पित करने से अहंकार का नाश होता है और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
7. दूर्वा घास
दूर्वा घास भगवान गणेश को अत्यंत प्रिय है। इसे 21 तिनकों के समूह में अर्पित किया जाता है, जो लंबी आयु और शांति का प्रतीक है।
इन भोगों को श्रद्धा और भक्ति के साथ अर्पित करने से भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता का आगमन होता है।









