बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
सड़क पर जख्मी हालत में तड़पते मिले थे दोनों कुत्ते
जगदलपुर। बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में स्थानीय पशु चिकित्सालय में उस समय मानवीय संवेदना और चिकित्सकीय कुशलता का अनूठा संगम देखने को मिला, जब स्ट्रे सेफ फाउंडेशन की टीम और डॉक्टरों ने मिलकर गंभीर रूप से घायल दो कुत्तों की जान बचा ली।

जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे दो कुत्ते सड़क पर तड़पते हुए मिले इन दोनों कुत्तों को स्ट्रे सेफ फाउंडेशन की टीम ने अस्पताल पहुंचाया, जहां तत्काल जांच में उनके पैरों में गहरी चोट और संक्रमण का खतरा सामने आया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने तत्काल बैक-टू-बैक सर्जरी का निर्णय लिया। कई घंटों तक चले इस जटिल ऑपरेशन में एक कुत्ते के दोनों पैर और दूसरे कुत्ते के एक पैर को अम्प्यूट करना पड़ा। कठिन परिस्थितियों के बावजूद चिकित्सकों ने ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। डॉ. गीतिका ध्रुव, डॉ. केके देव और डॉ. अभिषेक तिर्की ने कहा-“हमारा लक्ष्य सिर्फ उनकी जान बचाना था। रक्तस्राव और संक्रमण की स्थिति बेहद गंभीर थी। समय रहते ऑपरेशन करना आवश्यक था और पूरी टीम ने मिलकर यह संभव बनाया।” स्ट्रे सेफ फाउंडेशन के अध्यक्ष लुप्तेश जगत ने बताया कि दोनों कुत्ते सड़क पर अत्यंत नाज़ुक हालत में मिले थे। उन्होंने कहा- “यदि तुरंत इन्हें अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता तो इनकी जान बचाना संभव नहीं था। डॉक्टरों की विशेषज्ञता और तत्परता के कारण आज दोनों जीवित हैं। अब इनकी देखभाल शेल्टर में की जाएगी। यह घटना हम सबको यह संदेश देती है कि इंसानियत केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं, बल्कि मूक प्राणियों के लिए भी उतनी ही आवश्यक है। इस घटना ने न केवल दो निर्दोष जीवों को नया जीवन दिया, बल्कि समाज के सामने करुणा और सेवा की मिसाल भी पेश की। पशु चिकित्सकों और फाउंडेशन की इस संयुक्त उपलब्धि ने यह सिद्ध कर दिया कि इंसानियत की सच्ची पहचान उसकी करुणा और सेवा में निहित है।









