गणेश चतुर्थी हिन्दू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो भगवान श्रीगणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व भाद्रपद मास की शुक्ल चतुर्थी को मनाया जाता है और दस दिनों तक गणपति बाप्पा की पूजा-अर्चना कर विधिवत विसर्जन किया जाता है। भगवान गणेश को ‘विघ्नहर्ता’, ‘बुद्धि के देवता’ और ‘सिद्धि विनायक’ के रूप में पूजा जाता है।
पर्व की महत्ता:
गणेश चतुर्थी केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव भी बन चुका है। गणपति स्थापना से लेकर विसर्जन तक हर दिन घरों और पंडालों में भक्ति भाव, संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है।
पूजन विधि:
इस दिन प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनकर गणपति की मूर्ति की स्थापना की जाती है। गणेश जी को दूर्वा, मोदक, लड्डू, सिंदूर और फूल चढ़ाकर विशेष पूजा की जाती है। भक्त “ॐ गण गणपतये नमः” मंत्र का जाप करते हैं।









