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कांग्रेस ने कभी भी आदिवासी नेतृत्व पर भरोसा नहीं किया : भाजपा

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प्रदेश प्रवक्ता ठाकुर ने कांग्रेस नेतृत्व को लेकर मचे घमासान पर कहा : जोगी से लेकर लखमा, मरकाम और अब बैज तक कांग्रेस का आदिवासी विरोधी राजनीतिक चरित्र सामने आ रहा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर मचे घमासान पर जमकर निशाना साधते हुए कहा है कि दरअसल कांग्रेस में कभी भी आदिवासी नेतृत्व पर भरोसा नहीं किया गया है। जब-जब आदिवासियों को नेतृत्व करने का मौका मिला है, कांग्रेस नेतृत्व उनको अपमानित करने में कभी नहीं चूका। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी से लेकर कवासी लखमा, मोहन मरकाम और अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज तक कांग्रेस का यही आदिवासी विरोधी राजनीतिक चरित्र सामने आ रहा है। कांग्रेस में हमेशा आदिवासी जनप्रतिनिधि शोषित होते रहे हैं।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर ने पूर्व मंत्री रवीन्द्र चौबे के नेतृत्व परिवर्तन को लेकर दिए गए बयान के परिप्रेक्ष्य में कहा कि चौबे का बयान बहुत ही सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। मौजूदा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को बदलने और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अध्यक्ष बनाने का यह बयान कहीं-न-कहीं गांधी परिवार और राहुल गांधी के संरक्षण व कहने में दिया गया प्रतीत हो रहा है। अगर चौबे ऐसी बातें कह रहे हैं तो यकीनन आगे चलकर देर-सवेर आदिवासी नेतृत्व को बदला भी जा सकता है। श्री ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के लोगों ने हर मौके पर आदिवासियों का अपमान करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है। राष्ट्रपति चुनाव में विरोध करने से लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू पर अशोभनीय टिप्पणी करने में भी कांग्रेस के लोगों ने गुरेज नहीं किया।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर ने कहा कि जब इस छत्तीसगढ़ में आदिवासियों को सम्मान मिलना था, जब कांग्रेस सरकार ने अपना पहला मुख्यमंत्री यहाँ बनाया, उनको लेकर कांग्रेस के लोगों ने ही नहीं, अपितु पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने भी यह कहा था कि ‘फर्जी आदिवासी’ को कांग्रेस ने मुख्यमंत्री बनाकर छत्तीसगढ़ में भेज दिया। आदिवासियों को जब सम्मान देने की बात आई तो मुखौटे के रूप में खोजकर उनको सम्मान दिया, पर बाद में उनके हुए हश्र से पूरा प्रदेश वाकिफ है। सन् 2018 में गठित भूपेश सरकार के मंत्रिमंडल में अनेक पढ़े-लिखे आदिवासी होने के बावजूद एक अनपढ़ आदमी को आबकारी मंत्री बनाया गया। कांग्रेस भारत के मानचित्र में यह दर्शाना चाहती थी कि आदिवासी पढ़े-लिखे नहीं होते। अनपढ़ विधायक को मंत्री बनाकर उनकी आड़ में कांग्रेस के तत्कालीन सत्ताधीशों ने खुलकर भ्रष्टाचार भ्रष्टाचार किया और आज वह आदिवासी जेल में है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस तो यही चाहती है कि आदिवासी पढ़ें न, लिखें न, अपने हक एवं रोजी-रोजगार की बात न करें। कांग्रेस में जो आदिवासी जनप्रतिनिधि हैं, अगर वह मुखर नेता हुए तो उनको भी बेहद अपमानित किया गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम का जिक्र करते हुए श्री ठाकुर ने कहा कि अरविंद नेताम जैसे आदिवासी लीडर को भी अंतत: कांग्रेस का मोह त्यागना पड़ा। इससे यह बात आईने की तरह साफ है कि कांग्रेस किसी भी स्तर पर, किसी भी रूप में आदिवासी हितैषी तो कतई नहीं है। कांग्रेस हमेशा आदिवासियों को अनपढ़ देखना चाहती है और हर तरह से आदिवासियों का शोषण करना कांग्रेस का राजनीतिक चरित्र है।

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