श्री देवनारायण जी को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है और वे खासकर राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात के गुर्जर समाज में अत्यंत पूजनीय हैं। लोकदेवता के रूप में पूजे जाने वाले श्री देवनारायण जी ने धर्म, न्याय और लोक कल्याण की स्थापना के लिए अवतार लिया था। उनकी कथा, प्रेरणा और चमत्कार आज भी लाखों लोगों की श्रद्धा का आधार हैं।
कहा जाता है कि विक्रम संवत 968 में वे मालासर (राजस्थान) में जन्मे थे। उनकी कथा पौराणिक, ऐतिहासिक और लोक परंपराओं से जुड़ी हुई है। उन्होंने अत्याचार और अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया और समाज में न्याय की स्थापना की। उनके जीवन से जुड़े प्रसंग ‘फड’ नामक लोककथा चित्रकला के रूप में आज भी गांव-गांव में सुनाए और दिखाए जाते हैं।
श्री देवनारायण जी का प्रमुख मंदिर आसिंध (राजस्थान) में स्थित है, जो श्रद्धालुओं के लिए बड़ा तीर्थ स्थल है। हर वर्ष माघ शुक्ल एकादशी को उनके जन्मोत्सव पर विशाल मेला लगता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं।









