रायपुर –
सहकार भारती बुनकर प्रकोष्ठ का दो दिवसीय प्रथम राष्ट्रीय अधिवेशन विगत सप्ताह दि 23 एवं 24 अगस्त 2025 को श्री जैनम् मानस भवन, रायपुर, छत्तीसगढ़ में भव्य रूप से संपन्न हुआ। उद्घाटन सत्र में माननीय उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव जी, सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप जी, वाणिज्य मंत्री श्री लखन लाल देवांगन जी, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पांडेय जी, अपेक्स बैंक अध्यक्ष के श्री केदार गुप्ता जी, सहकार भारती राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदय जोशी जी तथा राष्ट्रीय महामंत्री श्री दीपक चौरसिया जी ने सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन कर अधिवेशन का शुभारंभ किया।
माननीय उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव जी ने सहकार से समृद्धि और बुनकरों के उत्थान हेतु सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की तथा मुख्यमंत्री जी का शुभकामना संदेश साझा किया गया। सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप जी एवं वाणिज्य मंत्री श्री लखन लाल देवांगन जी ने सहकार भारती के प्रयासों की सराहना की और सरकार द्वारा किए जा रहे सहकारी प्रयासों पर प्रकाश डाला। उद्घाटन अवसर पर विभिन्न प्रदेशों से आए बुनकरों द्वारा लगाए गए स्टॉल का उद्घाटन भी किया गया।

विशेषज्ञ सत्रों में सहकारिता विभाग के मंत्री जी के ओएसडी श्री के. एन. कांडे जी, इफको के महाप्रबंधक श्री संतोष शुक्ला जी, नेशनल हैंडलूम प्रबंधक डॉ. आशीष जी एवं यूपीका चेयरमैन श्री अमरेश कुशवाहा जी ने अपने अनुभव व मार्गदर्शन साझा किया। देशभर से आए सफल बुनकरों में बनारस की डॉ. अंगिका कुशवाहा तथा आंध्रप्रदेश के श्रीनिवासन ने अपनी सफलता की गाथा प्रस्तुत की। रात्रि को सांस्कृतिक सत्र में प्रसिद्ध लोकगायिका श्रीमती अल्का चंद्राकर एवं असम से आयी बुनकर बहनों ने सांस्कृतिक लोककला की आकर्षक प्रस्तुति दी।

द्वितीय दिवस पर एनसीडीसी अधिकारियों ने बुनकरों हेतु सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। इसके पश्चात राष्ट्रीय महामंत्री श्री दीपक चौरसिया जी ने उपस्थित प्रतिनिधियों की सहमति से “चार्टर ऑफ़ डिमांड” प्रस्तुत किया। आरबीआई निदेशक एवं सहकार भारती के संस्थापक सदस्य श्री सतीश मराठे जी ने बुनकरों को अपने उत्पाद ऑनलाइन बेचने की प्रेरणा दी। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम जी ने हथकरघा की घटती संख्या पर चिंता व्यक्त की और इसके संरक्षण व संवर्धन पर बल दिया।
समापन सत्र में राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री संजय पाचपोर जी ने बुनकरों के गौरवशाली इतिहास व स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान की चर्चा करते हुए “बुनकरों को स्वाभिमान के साथ गाँव की ओर चलने” का आह्वान किया। महामहिम राज्यपाल श्री रमेन डेका जी ने बुनकरों के अनुभव साझा करते हुए “भरोसा और ईमानदारी से सहकारिता के विकास” का मंत्र दिया तथा बाजार प्रबंधन के उपयोगी गुर भी बताए।

यह अधिवेशन सहकार भारती बुनकर प्रकोष्ठ के लिए ऐतिहासिक रहा, जिसमें देशभर से आए बुनकरों ने अपने अनुभव साझा किए, समस्याओं पर चर्चा की और आगे की दिशा तय की।









