हिंदी साहित्य के प्रखर हस्ताक्षर श्री भगवती चरण वर्मा जी की जयंती पर आज समस्त साहित्य जगत उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। उनका जन्म 30 अगस्त 1903 को उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में हुआ था। वे हिंदी के उन महान उपन्यासकारों में गिने जाते हैं जिन्होंने समाज, राजनीति और मानवीय संवेदनाओं को अपनी लेखनी से जीवंत किया।
उनकी सबसे प्रसिद्ध कृति “चित्रलेखा” है, जो न केवल साहित्य में बल्कि सिनेमा में भी अमर हुई। इस उपन्यास के माध्यम से उन्होंने पाप और पुण्य की पारंपरिक धारणाओं को चुनौती दी और जीवन के गूढ़ सत्य को सामने रखा।
भगवती चरण वर्मा जी का लेखन केवल कल्पना नहीं, बल्कि समाज का गहरा अध्ययन था। उन्होंने कुल 70 से अधिक उपन्यास, निबंध, नाटक और कहानियाँ लिखीं। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार (1955) और पद्म भूषण (1971) से भी सम्मानित किया गया।









