शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। शिमला जिले के कोटखाई, जुब्बल और जुन्गा में देर रात हुए लैंडस्लाइड में पांच लोगों की मौत हो गई। हादसे में कई मकान जमींदोज हो गए और कई वाहन कीचड़ में दब गए। प्रशासन ने छह जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है।
एक ही परिवार से पिता-बेटी की मौत
जुब्बल के बढ़ाल गांव में एक घर ढहने से 23 वर्षीय युवती की जान चली गई। वहीं, शिमला के जुन्गा में एक मकान के मलबे में दबने से पिता और बेटी की मौत हो गई। कोटखाई इलाके में भी भूस्खलन की चपेट में आने से बुजुर्ग महिला कलावती की जान गई। सिरमौर के शाईमी गांव में पहाड़ी से गिरी चट्टानों ने एक मकान तबाह कर दिया, जिसमें एक महिला की मौत हो गई।
स्कूल और सड़कें बंद
लगातार बारिश के चलते कुल्लू सहित 10 जिलों में स्कूल और कॉलेज सोमवार को बंद रखे गए। वहीं, चंडीगढ़-मनाली फोरलेन समेत 5 नेशनल हाईवे और लगभग 800 सड़कें बंद हो चुकी हैं। इससे यातायात पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। शिमला के रोहड़ू क्षेत्र में खतरे को देखते हुए चार परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।
मानसून से अब तक भारी तबाही
20 जून से मानसून की शुरुआत के बाद से अब तक हिमाचल में 320 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 166 लोगों की जान भूस्खलन, बाढ़, बादल फटने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं में गई, जबकि 154 मौतें सड़क हादसों में हुईं।
राज्य में अब तक करीब 3 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान दर्ज किया गया है।
सिरमौर में गिरी नदी उफान पर
सिरमौर जिले के ददाहू में गिरी नदी उफान पर है। प्रशासन ने एहतियातन नदी किनारे बसे लोगों को घर खाली करने के आदेश जारी किए हैं।









