Home चर्चा में शिक्षक दिवस पर विशेष लेख : गुरु ही मार्गदर्शक – राजेन्द्र जायसवाल...

शिक्षक दिवस पर विशेष लेख : गुरु ही मार्गदर्शक – राजेन्द्र जायसवाल राज्यपाल से सम्मानित शिक्षक

25
0
(जांजगीर चांपा- संवाददाता राजेन्द्र जयसवाल)
शिक्षक केवल पढ़ाने वाले नहीं होते, बल्कि वे जीवन की राह दिखाने वाले दीपस्तंभ होते हैं। वे छात्रों को सही दिशा में मार्गदर्शन कर भविष्य गढ़ने की क्षमता प्रदान करते हैं। एक अच्छा शिक्षक केवल किताबों का ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि इंसानियत, संस्कार और जीवन जीने का सलीका भी सिखाता है।
महान दार्शनिक अरस्तू ने कहा था – “शिक्षक का कार्य केवल ज्ञान देना नहीं है, बल्कि एक सोचने वाला इंसान गढ़ना है।” यही कारण है कि भारत की संस्कृति में गुरु को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। माता-पिता हमें जीवन देते हैं, लेकिन उसे सार्थक बनाने का मूल मंत्र हमें शिक्षक ही सिखाते हैं।
महामारी में भी निभाई जिम्मेदारी
कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के समय जब पूरा संसार ठहर गया था, तब भी शिक्षकों ने हार नहीं मानी। तकनीकी माध्यमों का सहारा लेकर उन्होंने ऑनलाइन कक्षाओं के जरिए ज्ञान का दीपक जलाए रखा। विद्यार्थियों की शिक्षा न रुके, इसके लिए दिन-रात प्रयासरत रहे। यह प्रयास बताता है कि गुरु का दायित्व केवल अध्यापन तक सीमित नहीं है, बल्कि हर परिस्थिति में विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित रखना भी है।
गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व
भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा का एक विशिष्ट स्थान रहा है। प्राचीन काल में गुरुकुल प्रणाली से लेकर आधुनिक शिक्षा पद्धति तक, हर युग में गुरु को जीवन का मार्गदर्शक माना गया है। चाहे आचार्य चाणक्य हों या डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, सभी ने इस परंपरा को नई ऊँचाइयाँ दीं।
राज्यपाल से सम्मानित शिक्षक – राजेन्द्र जायसवाल
जिला जांजगीर-चांपा के वरिष्ठ शिक्षक राजेन्द्र जायसवाल, जिन्हें राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया गया, मानते हैं कि –
“शिक्षक का सबसे बड़ा धर्म है कि वह अपने विद्यार्थियों को सही राह दिखाए। एक शिक्षक अपने आचरण और शिक्षा से समाज का निर्माण करता है। यदि विद्यार्थी सच्चे मार्ग पर चलते हैं तो उसका श्रेय उनके गुरु को ही जाता है।”
उनके जीवन की यह प्रेरणादायक सोच बताती है कि शिक्षक केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज के लिए सेवा और समर्पण का प्रतीक है।
आज के आधुनिक और प्रतिस्पर्धी समय में शिक्षक दिवस हमें यह याद दिलाता है
आज के आधुनिक और प्रतिस्पर्धी समय में शिक्षक दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हमारे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हमारे गुरु हैं। हमें उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करनी चाहिए, क्योंकि शिक्षक ही वह शक्ति हैं जो अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here