बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
विकसित होने की दिशा में अग्रसर होगा हमारा भारत वर्ष: केदार कश्यप
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के वन, सहकारिता एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने भाजपा जिला कार्यालय चितालंका दंतेवाड़ा में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत लगातार आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है। आय कर में ऐतिहासिक छूट के बाद अब जीएसटी के स्लैब का सरलीकरण, रेट कम करके भारत को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
श्री कश्यप ने कहा कि ये बदलाव आम जनता के जीवन को खुशहाल बनाने वाले और व्यापार–उद्योग को नई गति देने वाले हैं। इससे लोगों की बचत बढ़ेगी और व्यापारियों को जीएसटी कानून के सरलीकरण से काम करने में आसानी होगी। नवरात्र के पावन पर्व से लागू होने वाले ये नए प्रावधान देश को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाएंगे।
केबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि एक राष्ट्र– एक टैक्स की अवधारणा को मूर्तरूप देने के लिए 1 जुलाई 2017 को 101वें संविधान संशोधन के जरिए जीएसटी लागू किया गया। उससे पहले 17 तरह के टैक्स और 13 तरह के सेस अलग अलग रूप में लागू थे। अब चार स्लैब घटाकर दो स्लैब कर दिए गए हैं। कई जरूरी वस्तुओं पर कर शून्य और अनेक उत्पादों पर 10 प्रतिशत तक घटाया गया है। यह कदम जनता के लिए रामराज्य जैसा आर्थिक सुधार साबित होगा।
केबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि 15 अगस्त 2025 को लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी जी ने जीएसटी में अगले चरण के सुधार का वादा किया था और 20 दिनों के भीतर ही जीएसटी काउंसिल ने इसे मंजूरी दे दी। मंत्री केदार कश्यप ने जीएसटी में सुधार से रोजमर्रा की जरूरी सामग्रियों पर घटे दामों के बारे में बताते हुए कहा कि एमएसएमई और रोजमर्रा की वस्तुएं छोटे, लघु एवं मझोले उद्योगों को सबसे अधिक लाभ होगा। तेल, शैम्पू, टूथपेस्ट, मक्खन, पनीर, सिलाई मशीन, शैक्षणिक वस्तुएं, स्वास्थ्य व जीवन बीमा, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल उत्पाद सस्ते होंगे।
करदाता संख्या और राजस्व
मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि 2017 में 66.5 लाख जीएसटी करदाता थे, 2025 में यह बढ़कर 1.51 करोड़ हो गए। 2024-25 में जीएसटी संग्रह 22.08 लाख करोड़ रुपये रहा, जो चार साल में दोगुना है।
किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था
शैटर, हार्वेस्टर, रोटावेटर जैसे उपकरणों पर जीएसटी घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया। जैव–कीटनाशक और सूक्ष्म पोषक तत्वों पर जीएसटी दर घटाई गई है।इससे किसानों की कृषि लागत कम होगी। स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा उत्पादों पर कर कम किया गया। यह सामाजिक सुरक्षा और सस्ते इलाज की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।ताड़ी उत्पादों पर कर 18 प्रतिशत रखा गया जिससे जनजातीय क्षेत्रों में मांग बढ़ेगी।
छग को मिले 6200 करोड़
मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने राज्यों का हिस्सा 32 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत किया है। कोविड के बाद यह 41. प्रतिशत है। विपक्षी दल जीएसटी सुधारों पर बैठक में विरोध करते हैं, लेकिन बाहर आकर सरकार पर टैक्स लगाने का आरोप लगाते हैं।जीएसटी सुधार का किसी विदेशी दबाव या अमेरिकी टैरिफ से कोई संबंध नहीं है।कांग्रेस कभी इसका श्रेय लेना चाहती है और कभी मजाक उड़ाती है, जबकि जीएसटी अब “गुड एंड सिंपल टैक्स” बन चुका है।सभी निर्णय तीन-चौथाई बहुमत से लिए जाते हैं, अधिकतर सर्वसम्मति से।इसमें दो-तिहाई वोट राज्यों के होते हैं। यह लोकतांत्रिक संघवाद का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस दौरान विधायक चैतराम अटामी, जिला भाजपा अध्यक्ष संतोष गुप्ता, महिला आयोग सदस्य ओजस्वी मंडावी, अभिमन्यु सोनी,पूर्व जिलाध्यक्ष कोंडागांव दीपेश अरोरा,जिला महामंत्री मुन्ना मरकाम, धीरेंद्र प्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष दंतेवाड़ा पायल गुप्ता समेत अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।









