छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में MBBS प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहाँ तीन छात्राओं का एडमिशन रद्द कर दिया गया है क्योंकि उन्होंने फर्जी EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) प्रमाणपत्र का इस्तेमाल कर मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया था।
जांच में पाया गया कि जिन प्रमाणपत्रों को दाखिले के लिए प्रस्तुत किया गया, वे असली नहीं थे। इन पर तहसीलदार की सील और हस्ताक्षर तक नकली पाए गए। जब प्रवेश प्रक्रिया के दौरान दस्तावेज़ों का सत्यापन हुआ, तो यह बात उजागर हो गई कि संबंधित तहसील में न तो कोई ऐसा आवेदन दर्ज हुआ था और न ही प्रमाणपत्र जारी किए गए थे।
खबरों के मुताबिक, पकड़ी गई छात्राओं में एक स्थानीय BJP नेता सतिश गुप्ता की भतीजी भी शामिल है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रवेश तुरंत रद्द करने का आदेश दिया। अब यह प्रकरण संबंधित विभागों के पास आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
इस खुलासे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी सख्त एडमिशन प्रक्रिया में भी इस तरह का फर्जीवाड़ा कैसे हो गया। शिक्षा विभाग ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वेरिफिकेशन सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा।









