जांजगीर चांपा- संवाददाता राजेन्द्र जयसवाल
ग्राम पंचायत ख़रमोरा में जंगल पर डंपिंग, ग्रामीणों को हो रहा नुकसान
जिला जांजगीर-चांपा : जिले के बलौदा ब्लॉक के ग्राम पंचायत ख़रमोरा में इन दिनों अवैध रेत डंपिंग का खेल खुलेआम चल रहा है। बरसात के मौसम में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत चार माह के लिए सभी रेत घाट बंद रहते हैं। इस दौरान न तो किसी घाट से रेत निकासी की अनुमति है और न ही डंपिंग अथवा बिक्री की। बावजूद इसके, ग्राम पंचायत ख़रमोरा के जंगल क्षेत्र और आस-पास के स्थानों पर बड़े पैमाने पर रेत डंपिंग कर रखी गई है।

खनिज विभाग की साठगांठ पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि खनिज अधिकारी की मेहरबानी से यह पूरा खेल चल रहा है। स्थिति यह है कि कुछ जगहों पर खानापूर्ति करते हुए कार्रवाई की गई, लेकिन जब्ती की मात्रा से कहीं अधिक रॉयल्टी वसूल कर मामला दबा दिया गया। यही कारण है कि दिन-रात अवैध रेत ट्रक भरकर बिलासपुर, कोरबा और रायगढ़ जैसे जिलों में सप्लाई हो रहा है।
प्रधानमंत्री सड़क बनी दलदल
भारी-भरकम ओवरलोड ट्रकों के आवागमन से ग्राम पंचायत ख़रमोरा की सड़कों की हालत खस्ता हो गई है। प्रधानमंत्री सड़क योजना से बनी सड़कें जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। कई स्थानों पर पानी भर जाने से ग्रामीणों को आने-जाने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

ग्राम पंचायत को कोई लाभ नहीं
अवैध रेत डंपिंग से ग्राम पंचायत को न तो किसी प्रकार का राजस्व लाभ हो रहा है और न ही विकास कार्यों में इसका उपयोग। उल्टा सड़कें टूटने, धूल-मिट्टी और ट्रकों के शोर से ग्रामीणों का जीवन दूभर हो गया है।
ग्रामीणों की मांग – कठोर कार्रवाई हो
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जिला प्रशासन और खनिज विभाग ईमानदारी से कार्रवाई करें तो अवैध कारोबार पर रोक लग सकती है। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और रेत माफियाओं पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की जा रही है।
यह खबर प्रशासनिक लापरवाही और अवैध रेत कारोबार की पोल खोलने वाला है।









