बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
= विधानसभा में भी उठा भर्ती घोटाले का मुद्दा =
= जांच कमेटी ने सही पाए हैं सारे आरोप =
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय जगदलपुर के प्राध्यापक भर्ती घोटाले और नियुक्तियों में हुए भ्रष्टाचार के मामले को भाजपा के वरिष्ठ विधायक एवं पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री अजय चंद्राकर ने सवाल उठाया। मुख्यमंत्री ने शासन द्वारा जांच समिति गठन कर प्रकरण की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही थी ।
विश्वसनीय सूत्रों से मिल रही खबरों के अनुसार शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर में शिक्षकों की भर्ती में गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि हुई है। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट उच्च शिक्षा विभाग को सौंप दी है। खास बात यह है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही चयनित शिक्षकों ने ज्वाइनिंग ले ली है। रिपोर्ट के आधार पर जिन शिक्षकों की नियुक्ति में गड़बड़ी पाई गई है, उन्हें हटाने की अनुशंसा की जा रही है।
गंभीर आरोपों की श्रृंखला
विश्वविद्यालय में 59 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी हुआ था। आरोप लगे कि भर्ती प्रक्रिया में यूजीसी- 2018 के नियमों की अनदेखी की गई, आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं हुआ, आयु सीमा के संबंध में संशोधित विज्ञापन जारी नहीं हुआ, रूरल टेक्नोलॉजी विषय में रूरल टेक्नोलॉजी विषय के विशेषज्ञ बुलाए बिना मेरिट सूची जारी कर दी गई। दुर्गेश डिकसेना की अवैधानिक नियुक्ति हुई, सैकड़ो आवेदकों को साक्षात्कार में बुलाकर नाट फाउंड सुटेबल करने, यहां तक कि 50 साल से अधिक उम्र के उम्मीदवारों को भी नियुक्त कर दिया जाना। कई चयनित अभ्यर्थी प्रदेश से बाहर के बताए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय के फॉरेस्ट्री विभाग में कार्यरत एक ऐसोसिएट प्रोफेसर पर पैसों के लेनदेन के लिए काल करने समेत अनेक आरोप लगे थे।
मुख्यमंत्री ने बनाई जांच कमेटी
यह मामला विधानसभा के मानसून सत्र में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने उठाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एडिशनल डायरेक्टर जीके खैरवार की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की थी।
जांच में आरोपों की पुष्टि
सूत्रों के मुताबिक खैरवार कमेटी ने पखवाड़े भर पहले ही शिकायतों की जांच पूरी कर रिपोर्ट उच्च शिक्षा विभाग को सौंप दी है। रिपोर्ट में भर्ती प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी करने की बात कहते हुए अनियमितताओं की पुष्टि की गई है। अब उच्च शिक्षा विभाग विश्वविद्यालय प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश देने जा रहा है। रिपोर्ट आने से पहले ही चयनित शिक्षकों ने ज्वाइन कर लिया है। ऐसे में अब शिक्षकों को हटाने और वेतन आहरण नहीं करने की मांग तेज हो गई है, परंतु आनन फानन में कुलपति द्वारा अवैधानिक रूप से नियुक्त प्राध्यापकों के वेतन आहरण के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
हटाया जाए कुलपति को: शुक्ला
वरिष्ठ कांग्रेस नेता उमाशंकर शुक्ला ने बयान दिया है कि विभिन्न अखबारों में छपी खबरों के अनुसार शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय जगदलपुर में प्राध्यापक भर्ती में हुई गड़बड़ी के सबूत जांच दल को मिले हैं। यह मामला सिर्फ एक विश्वविद्यालय का नही बल्कि यह मामला इस जैसे सभी शिक्षण संस्थानों को डुबोने की घटिया रणनीति का हिस्सा है। बस्तर विश्वविद्यालय के कुलपति मनोज श्रीवास्तव को पूरे मामले में दोषी पाया गया है। जब जांच में अनियमितता की पुष्टि हो गई है तो आगे की कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए सबसे पहले कुलपति मनोज श्रीवास्तव को तुरंत पद से हटाया जाना चाहिए।विश्वविद्यालय में भर्ती संबंधित सभी दस्तावेजों को सील करना चाहिए। ताकि आरोपी किसी भी प्रकार से बच न सकें।









