बांग्लादेश में पिछले साल शेख हसीना की सरकार के तख्तापलट के बाद से कट्टरपंथी ताकतें तेजी से हावी होती जा रही हैं। अब ढाका यूनिवर्सिटी में हिजाब को अनिवार्य करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। यूनिवर्सिटी में छात्र-छात्राओं ने हिजाब के समर्थन में जमकर नारेबाजी की, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस घटना ने बांग्लादेश में बढ़ते कट्टरपंथ और तालिबान की तर्ज पर बदलते माहौल की ओर इशारा किया है। बता दें कि पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में कट्टरपंथी लगातार हावी हुए हैं और सरकार उन्हें रोकने में नाकाम रही है।
वायरल वीडियो में ढाका यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में छात्र और छात्राएं एक साथ ‘हिजाब…हिजाब…’ के नारे लगाते दिख रहे हैं। सामने की बेंच पर बैठे छात्र खड़े होकर हिजाब के समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं, तो पीछे की बेंच पर बैठी छात्राएं भी इस मांग में उनका साथ दे रही हैं। ढाका यूनिवर्सिटी में हिजाब की मांग ने बांग्लादेश के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां छात्र हिजाब को अपनी आजादी का प्रतीक बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यह आशंका बढ़ रही है कि बांग्लादेश तालिबान की राह पर चल पड़ा है।
पिछले साल अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार का तख्तापलट एक हिंसक आंदोलन के बाद हुआ था। यह आंदोलन सरकारी नौकरियों में कोटा प्रणाली के खिलाफ शुरू हुआ था, लेकिन जल्द ही यह हसीना के 15 साल के शासन के खिलाफ व्यापक जन-आंदोलन में बदल गया। इस दौरान सैकड़ों लोग मारे गए और हजारों घायल हुए। हसीना को देश छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी। तख्तापलट के बाद बांग्लादेश में नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी, लेकिन देश में अस्थिरता बरकरार है। कट्टरपंथी ताकतें अब शरिया कानून और इस्लामिक राष्ट्र की मांग उठा रही हैं।









