रोशनी सोनी/बिलासपुर –
दुर्गा महाविद्यालय, रायपुर एवं पूर्व सैनिक एकता कल्याण संगठन छत्तीसगढ़ (रजि.) के संयुक्त तत्वावधान में, अमर शहीद लांस नायक वीरेंद्र कुमार केवट जी के शहादत दिवस पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें कार्यक्रम की शुरुआत शहीद वीरेंद्र जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने उनके शौर्य, त्याग और बलिदान को याद करते हुए कहा कि देश की रक्षा के लिए दिया गया।

कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य अग्रवाल एवं मैडम सुनीता ने वीरगति प्राप्त वीरेंद्र जी को युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। उन्होंने कहा कि उनके जीवन से हम सभी को कर्तव्यनिष्ठा, साहस और राष्ट्रभक्ति की सीख लेनी चाहिए।
इस अवसर पर शहीद वीरेंद्र जी की धर्मपत्नी डॉ. ज्योति केवट (MBBS – गायनोकोलॉजिस्ट) को महाविद्यालय परिवार एवं संगठन की ओर से श्रीफल व साल भेंट कर सम्मानित किया गया। सभी उपस्थित जनों ने उनके साहस, संयम और सेवा भावना की सराहना करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणादायी व्यक्तित्व बताया।
कार्यक्रम में पूर्व सैनिक एकता कल्याण संगठन छत्तीसगढ़ के संरक्षक कैप्टन राजेश श्रीवास, कैप्टन केदारनाथ सोनी, प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सोनी, सूबेदार दिलीप स्वर्णकार, शशि मानिकपुरी, पवन निषाद सहित अनेक पूर्व सैनिक, महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर सभी ने एक स्वर में राष्ट्र के नाम संकल्प लिया:
लांस नायक वीरेंद्र कुमार केवट जी का जन्म 16 दिसंबर 1979 को ग्राम नरगोड़ा, तहसील मस्तूरी, जिला बिलासपुर (छत्तीसगढ़) में हुआ।
आपने 08 जुलाई 2000 को भारतीय थल सेना की 225 मीडियम रेजीमेंट (तोपखाना) में भर्ती होकर देशसेवा का संकल्प लिया। तत्पश्चात, आपको 62 राष्ट्रीय राइफल्स के साथ ऑपरेशन रक्षक (जम्मू-कश्मीर) में तैनात किया गया।
15 सितंबर 2006 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रेवन गांव में आतंकवादियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन के दौरान हुए भीषण IED ब्लास्ट में आपने अपने प्राणों की आहुति देकर वीरगति प्राप्त की।
कार्यक्रम के समापन पर सभी ने एक स्वर में राष्ट्र के नाम संकल्प लिया:









