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बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल स्मृति समारोह : कृषि विज्ञान केंद्र में नवाचार और उम्मीदों से भरा किसान सम्मेलन

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जांजगीर चांपा संवाददाता – राजेंद्र प्रसाद जायसवाल
 जिला जांजगीर-चांपा जांजगीर चांपा के जर्वे स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल स्मृति समारोह के दूसरे दिवस 19 सितम्बर 2025 को वृहद किसान सम्मेलन, जैविक मेला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल किसानों के लिए नई तकनीकों और योजनाओं का परिचय लेकर आया बल्कि कृषि को आत्मनिर्भरता और समृद्धि की ओर ले जाने वाला मंच भी सिद्ध हुआ।
आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण पर जोर
सम्मेलन में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसल चक्र, दलहन-तिलहन की खेती, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, बीज की गुणवत्ता और नवीन कृषि तकनीकों की विस्तार से जानकारी दी। जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मछली पालन, सब्जी उत्पादन, कुक्कुट पालन, दुग्ध उत्पादन और मशरूम उत्पादन जैसे विकल्पों को सामने रखा गया।
सबसे आकर्षक पहलू रहा ड्रोन दीदी द्वारा दवाइयों के छिड़काव का लाइव प्रदर्शन, जिसने किसानों को यह विश्वास दिलाया कि अब खेती का भविष्य तकनीक और पारदर्शिता पर आधारित है।
 
योजनाओं से जोड़े जाने का आह्वान
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने किसानों को एग्रीस्टैक पोर्टल पर शत-प्रतिशत पंजीयन कराने की प्रेरणा दी और रबी सीजन में अधिक आय देने वाली वैकल्पिक फसलें अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि फसल बीमा योजना, डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण और गिरदावरी जैसे कार्यक्रम किसानों को सुरक्षा और लाभ देने के लिए हैं, जिन्हें गंभीरता से अपनाना चाहिए।
विधायक ब्यास कश्यप ने कहा कि संगोष्ठियों और प्रशिक्षणों से ही किसान आधुनिक खेती को समझकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने रबी फसलों के महत्व और विविधता अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
सामाजिक चेतना और नशा मुक्ति का संदेश
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने किसानों को धान और सब्जी-भाजी उत्पादन में अग्रणी बताते हुए महुआ निर्माण जैसी नशे की प्रवृत्तियों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों को सही तकनीक से जोड़कर समाज को नशा मुक्त बनाया जा सकता है, जिससे अपराधों में भी कमी आएगी। साथ ही उन्होंने आगामी गेंदा महोत्सव का उल्लेख करते हुए किसानों को इसमें शामिल होने और गेंदा की खेती की आधुनिक तकनीकों को सीखने हेतु प्रेरित किया।
सामूहिकता और प्रेरणा का मंच
सम्मेलन में किसानों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना गया तथा उन्हें प्रक्षेत्र भ्रमण भी कराया गया, ताकि वे प्रत्यक्ष रूप से आधुनिक खेती की विधियों को देख और समझ सकें। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने विभिन्न स्टालों का अवलोकन कर किसानों को प्रोत्साहित किया।
यह सम्मेलन केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि किसानों को नई सोच, तकनीक और आत्मनिर्भरता
यह सम्मेलन केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि किसानों को नई सोच, तकनीक और आत्मनिर्भरता की राह दिखाने वाला अवसर साबित हुआ। कृषि विभाग और वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन, प्रशासन की पारदर्शिता और किसानों का उत्साह मिलकर जिले को न केवल कृषि के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगा, बल्कि सामाजिक रूप से भी सशक्त करेगा।

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