जांजगीर चांपा संवाददाता – राजेंद्र प्रसाद जायसवाल
जिला जांजगीर-चांपा, दिनांक 22 सितम्बर 2025।
चांपा थाना क्षेत्र के पीपल चौक में जादू-टोना की शंका को लेकर हुए पारिवारिक विवाद ने एक बुजुर्ग की जान ले ली। आरोपी भतीजे ने धारदार हसिया से अपने ही चाचा की निर्मम हत्या कर दी। वारदात के कुछ ही घंटों में चाम्पा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
घटना का सिलसिला
प्रार्थी लक्ष्मण पाल ने थाना चाम्पा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका पिता राम प्रसाद पाल, जो पीपल चौक स्थित अपने मकान में अकेले रहते थे और शिव मंदिर में पूजा-पाठ करते थे, पर रिश्ते में बड़ा भाई अजीत कुमार पाल (63 वर्ष) अक्सर टोना-टोटका करने का आरोप लगाता था। आरोपी अजीत पाल का दावा था कि “जादू-टोना के कारण उसका ढाबा नहीं चलता।” इसी विवाद को लेकर वह अक्सर मृतक से झगड़ा और धमकी देता था।
21 सितम्बर की शाम करीब 7 बजे मृतक की पोती ने देखा कि उसके बड़े पापा अजीत पाल, उसके दादा पर धारदार हसिया से हमला कर रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और लहूलुहान हालत में राम प्रसाद को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की तत्परता
हत्या की गंभीर वारदात की सूचना पर जिला पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय (IPS), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कश्यप, एवं SDOP चाम्पा श्री यदुमणी सिदार के निर्देश पर तत्काल आरोपी की तलाश शुरू की गई।
थाना प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दबिश दी, लेकिन आरोपी घर से फरार मिला। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी हथनेवरा चौक की ओर भाग रहा है। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे PIL प्लांट के पास से गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभ में आरोपी पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करता रहा, लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने जुर्म कबूल किया और बताया कि उसने जादू-टोना की शंका को लेकर धारदार हसिया से गला रेतकर हत्या की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त हसिया जब्त किया।
न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी
पुलिस ने विधिवत कार्रवाई पूरी कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
विशेष योगदान
इस पूरे ऑपरेशन में निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता थाना प्रभारी चाम्पा, सहायक उपनिरीक्षक अरुण सिंह, प्रधान आरक्षक अमृत सलूजा, नरसिंह वर्मन, अजय चतुर्वेदी, शंकर राजपूत, मुद्रिका दुबे, आकाश कालोसिया, जय उरांव और भूपेंद्र राठौर की विशेष भूमिका रही।
यह मामला अंधविश्वास और पारिवारिक तनाव के खतरनाक परिणामों को उजागर करता है।
यह मामला अंधविश्वास और पारिवारिक तनाव के खतरनाक परिणामों को उजागर करता है। वहीं, चाम्पा पुलिस की तेज़ और योजनाबद्ध कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि अपराधी चाहे कितना भी चालाक क्यों न हो, कानून से बच नहीं सकता।









