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नवरात्रि में पुलिस और आबकारी के नाक के नीचे से बेखौफ होकर परोसा जा रहा मांस और मदिरा

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रिपोर्ट-खिलेश साहू
देशभर में चल रहे शारदीय नवरात्रि पर्व के मद्देनज़र कई राज्यों और नगर पंचायतो, नगर निगमों ने मीट-मटन तथा मछली की दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। प्रशासन का कहना है कि नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु माँ दुर्गा की आराधना में उपवास और सात्विक भोजन का पालन करते हैं, इसलिए धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए यह निर्णय लिया गया है।
 
कुछ जगहों पर नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने सभी मीट की दुकानों को 9 दिनों तक बंद रखने का निर्देश दिया है,हालांकि, मीट व्यापारी संगठनों का कहना है कि इससे उनकी रोज़मर्रा की आमदनी पर असर पड़ता है। वहीं प्रशासन का तर्क है कि यह कदम केवल धार्मिक आस्था को देखते हुए और सामंजस्य बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
लेकिन नियम कानून को दरकिनार कर नगर पंचायत भखारा भठेली स्थित शराब दुकान से लगभग 200-300 मीटर की दूरी में एक झोपड़ी नुमा खोमचे पर नवरात्र में शराब और मदिरा प्रेमियों के लिए आसानी से समान मुहैया कर रहा है, कुछ लोगो ने हमे बताया कि पुलिस थाना भखारा  द्वारा अन्य खोमचे  को बंद कराया गया है लेकिन इस खोमचे से वाले पर विशेष मेहरबान है,
स्थानीय लोगो ने ये भी बताया कि चना और फल्ली बेचने वालों खोमचे को नवरात्र में बंद करा दिया गया है जबकि  एक ब्यक्ति पर पुलिस विशेष महरबान है,लोगो ने ये भी बताया कि उक्त ब्यक्ति बिहार से आकर पहले शराब भट्टी में काम करता था फिर भठेली में किराये के मकान में रहकर खुद का झोपड़ी नुमा खोमचा बना कर ब्यवसास कर रहा है। मजे की बात यह है कि पुलिस थाना भखारा की पेट्रोलिंग गाड़ी रोज चक्कर मारती है पर इस खोमचे वाले पर कार्यवाही नही करती जो पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है?
सूत्र बताते हैं कि इस झोपड़ी नुमा खोमचे से हर माह पुलिस थाना में भेंट पूजा चढ़ा दी जाती है शायद यही कारण है कि नवरात्रि में भी पुलिस इन पर विशेष मेहरबान है?

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