छत्तीसगढ़ में लंबे समय तक फिल्मों का फोकस प्रेम और हास्य पर रहा है, लेकिन अब ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर फिल्म बनाने का रुझान बढ़ता दिख रहा है। इसी कड़ी में सतनामी फिल्म प्रोडक्शन, रायपुर ने छत्तीसगढ़ की पहली ऐतिहासिक फिल्म ‘बलिदानी राजा गुरु बालकदास’ बनाई है, जिसे दर्शकों और आलोचकों दोनों से खूब सराहा जा रहा है।
हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अंबुजा मॉल, रायपुर स्थित सिनेमाघर में इस फिल्म का आनंद लेने पहुंचे। उन्होंने घोषणा की कि ‘बलिदानी राजा गुरु बालकदास’ को पूरे छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री कर दिया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रेरणादायी कहानी को देख सकें और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सकें।
फिल्म की कहानी और महत्व
यह फिल्म गुरु घासीदास के द्वितीय सुपुत्र, वीर बलिदानी गुरु बालकदास के जीवन और शौर्य पर आधारित है। फिल्म में उनके बचपन से लेकर बलिदान तक के सभी प्रमुख प्रसंगों को बड़े ही प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया है। साथ ही, छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह और गुरु बालकदास की मित्रता भी दर्शाई गई है, जिसने समाज के लोगों को अपने हक और स्वाभिमान के लिए प्रेरित किया।
फिल्म के निर्देशक अमीर पति और संवादकार किस कुर्रे ने इसे तैयार करने में लगभग तीन साल का समय लगाया। शूटिंग भंडारपुरी, नया रायपुर, न्यू राजेंद्र नगर, अमलेश्वर, ओडिशा और हैदराबाद में की गई।
संगीत और कलाकार
फिल्म में कुल चार गाने हैं, जिनमें धन्नु पवन महानंद ने गीत लिखे और अनुराग शर्मा, सुनील सोनी, कंचन जोशी, डॉ. देवेश डहरिया ने अपनी मधुर आवाज़ से इसे जीवंत किया।
कलाकारों की बात करें तो:
गुरु बालकदास – ओम त्रिपाठी
गुरु आगरदास – मंत्री गुरु खुशवंत साहेब
शहीद वीर नारायण सिंह – पूर्व मंत्री अमरजीत भगत
पंडित सूत्रधार – पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया
यह फिल्म न केवल छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास को जीवंत करती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने वाला संदेश भी देती है।









