रायपुर संवाददाता – रघुराज
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आस्था और श्रद्धा का महापर्व शुरू हो चुका है। बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आज रायपुर पहुंचे, जहां पूर्व मुख्यमंत्री एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह ने पहुंचकर उनसे आशीर्वाद लिया। यह अवसर पूरे प्रदेश के भक्तों के लिए अत्यंत पावन और उत्साहपूर्ण रहा, क्योंकि लंबे समय से लोग इस दिव्य हनुमंत कथा की प्रतीक्षा कर रहे थे।
4 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक रायपुर के अवधपुरी मैदान में यह धर्ममहोत्सव आयोजित किया जा रहा है। समाजसेवी चंदन अग्रवाल और बसंत अग्रवाल के नेतृत्व में ‘स्व. पुरुषोत्तम अग्रवाल स्मृति फाउंडेशन’ के देखरेख में इस कथा का आयोजन किया गया है। कथा स्थल पर विशाल पंडाल, भंडारा, यातायात और सुरक्षा की व्यवस्थाएं पूरी तरह से सुदृढ़ की गई हैं। आयोजन समिति ने बताया कि भक्तों के बैठने एवं भोजन रहने की निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस पांच दिवसीय हनुमंत कथा में प्रदेश भर से लाखों भक्तों के पहुंचने की संभावना है। आयोजन समिति द्वारा बताया गया कि कथा के दौरान विशेष रूप से दिव्यांगजनो के लिए व्हीलचेयर वितरण कार्यक्रम भी रखा गया है, जिससे कथा केवल आध्यात्मिक नहीं बल्कि सामाजिक सेवा का भी माध्यम बने। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग समय पर भोजन और रात्रि विश्राम की नि:शुल्क व्यवस्था की गई है।
कार्यक्रम के शुभारंभ से पहले ही आयोजन स्थल अवधपुरी मैदान का माहौल भक्तिमय हो चुका है। पिछले दिनों 14 सितंबर को भूमि पूजन और अर्चन के साथ इस आयोजन की आधिकारिक शुरुआत की गई थी। इसके साथ ही कथा स्थली पर सुंदर सजावट, भव्य मंच और डिजिटल स्क्रीन की व्यवस्था की गई है ताकि दूर बैठे श्रद्धालु भी कथा का सीधा दर्शन कर सकें।
मुख्य आयोजक बसंत अग्रवाल ने बताया कि आयोजन कार्यालय को ही सभी व्यवस्थाओं का केंद्र बनाया गया है। यहीं से पंडाल की साज-सज्जा, भक्तों के प्रवेश एवं निकास, सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और भंडारे से संबंधित व्यवस्थाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पूरी टीम दिन-रात सभी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में लगी हुई है ताकि रायपुर आने वाले भक्तों को एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव मिल सके।
भक्तों में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। रायपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी श्रद्धालु इस कथा में शामिल होने के लिए निकल पड़े हैं। विशाल “दही हांडी” कार्यक्रम और भक्तिगीतों की प्रस्तुतियां इस आयोजन को और भी आकर्षक बनाएंगी।
अवधपुरी मैदान में होने वाले इस दिव्य दरबार को लेकर प्रशासन ने भी व्यापक तैयारियां की हैं। पार्किंग, पुलिस बल, स्वास्थ्य सुविधा और पेयजल की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि बागेश्वर धाम सरकार का यह आगमन रायपुर के लिए धार्मिक उन्नति और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है।
रायपुर में बागेश्वर धाम की हनुमंत कथा न केवल भक्ति का संगम बनेगी, बल्कि यह समाजसेवा और एकता का भी संदेश देगी। 8 अक्टूबर तक चलने वाला यह आयोजन प्रदेशभर के भक्तों के लिए एक ऐतिहासिक और दिव्य अनुभव साबित होगा।








