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अपने ही बम से घायल हुई महिला नक्सली, पुलिस ने बचा ली जान

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बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा

महिला साथी को तड़पते छोड़ हथियार लेकर भाग निकले नक्सली 
 जो नक्सली अपनों के ही नहीं हुए, वे भला कैसे होंगे आदिवासी हितैषी 

जगदलपुर। नक्सलियों का दोहरा चेहरा और चरित्र आज आम हो गया। एक घटनाक्रम ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि जो नक्सली अपने ही घायल साथी के नहीं हुए, वे भला आदिवासी हितैषी कैसे हो सकते हैं? इस घटना ने दूसरों के लिए गड्ढा खोदने वाले खुद ही उस गड्ढे में गिरते हैं वाली कहावत को भी सच साबित कर दिया है।
मामला बस्तर संभाग के बीजापुर जिले से सामने आया है।. इस जिले के मद्देड़ थाना क्षेत्र में आईईडी विस्फोट में एक महिला नक्सली घायल हो गई है।घायल महिला नक्सली को उसके हाल पर छोड़ उसके साथी नक्सली महिला नक्सली के हथियार उठाकर भाग निकले। इस दौरान मानवीय संवेदना सा भरा पुलिस का नया चेहरा भी सामने आया। पुलिस जवानों ने घायल महिला नक्सली कोतुरंत जिला चिकित्सालय बीजापुर पहुंचाया, जहां उसका ईलाज जारी है। मद्देड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत बंदेपारा के जंगल में नक्सलियों के एक ग्रुप द्वारा पुलिस और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए आईईडी प्लांट किया जा रहा था। इसी दौरान आईईडी ब्लास्ट हो गया। विस्फोट की जद में आकर एक महिला नक्सली गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद उनके अन्य साथी घायल नक्सली को जंगल में तड़पते छोड़ उसका हथियार लेकर भाग निकले। स्थानीय ग्रामीणों से सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस जवानों ने ग्रामीणों की मदद से घायल महिला नक्सली को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल बीजापुर पहुंचाया गया। वहां उसका उपचार जारी है। घायल महिला नक्सली गुज्जा सोढ़ी विगत 06–07 वर्षों से मद्देड़ एरिया कमेटी में एसीएम-कन्ना बुच्चना के साथ पार्टी सदस्य के रूप में सक्रिय रही है तथा संगठन में 12 बोर हथियार धारण करने की पात्रता उसे मिली हुई थी।
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नक्सलियों क्रूर चेहरा
जहां एक ओर नक्सली संगठन छोड़ने वाले अपने ही साथियों को मौत के घाट उतार रहे हैं, वहीं घायल या बीमार साथियों की उपेक्षा कर उन्हें जंगल में तड़पते हुए मरने के लिए छोड़ देते हैं। संगठन के भीतर न कोई मानवीयता, न कोई सहानुभूति।माओवादियों की नीति है-या तो लड़ो, या मरो, जिसमें घायल साथियों को बोझ समझकर त्याग दिया जाता है। वहीं बड़े कैडर के नक्सली आपस में लड़ रहे हैं और निचले स्तर के नक्सलियों में बिखराव की स्थिति पैदा हो गई है।

🔳अपील:- “जिला पुलिस समाज से भटके युवाओं से अपील करती है कि वे हिंसा के रास्ते को त्यागकर मुख्यधारा से जुड़ें। पुलिस हर संभव सहायता हेतु तत्पर है।”

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