रायपुर। राजधानी के सदर बाजार क्षेत्र में एक सराफा व्यापारी द्वारा बताई गई 86 किलो चांदी की लूट की कहानी पुलिस पूछताछ में संदिग्ध निकली। प्रारंभिक जांच में यह पता चला कि घटना वास्तव में लूट नहीं, बल्कि योजनाबद्ध ढंग से रची गई कहानी थी।
पुलिस के मुताबिक पीड़ित व्यापारी — जिन्हें रिपोर्टों में राहुल गोयल के नाम से बताया गया है — ने घटना की जानकारी दे कर तात्कालिक मदद और संरक्षण की मांग की थी। घटनास्थल पर पहुंची टीम ने सीसीटीवी व अन्य सबूत जुटाए और गहन पूछताछ शुरू की।
जांच के दौरान व्यापारी के बयानों में विरोधाभास उभरने पर कठोर पूछताछ की गई। पूछताछ के दबाव में व्यापारी ने स्वीकार किया कि उसने खुद लूट की झूठी कहानी गढ़ी थी। उसने यह क़दम इसलिए उठाया क्योंकि वह ऑनलाइन सट्टे में बड़े पैमाने पर हार गया था और नुकसान की भरपाई के लिए यह नाटक रचा।
मौके पर बताई गई चोरी की राशि और चांदी की मात्रा—लगभग 86 किलो—पुलिस लाइन में पहली रिपोर्ट के अनुसार काफी बड़ी बताई गई थी। हालांकि जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि वास्तविकता उससे अलग है और पुलिस मामले की सत्यता से जुड़ी हर कड़ी खंगाल रही है।
पुलिस ने बताया कि अब मामले की संपूर्ण तहकीकात की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि किन-किन लोगों का इस घटना में कोई हाथ था या इससे किसी तरह का लाभ उठाया गया। आवश्यक होने पर व्यापारी के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई के विकल्प पर विचार किया जा सकता है।
स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में इस खुलासे के बाद मिलीजुली प्रतिक्रिया देखी गई — कुछ लोग राहत महसूस कर रहे हैं कि नकली लूट के दावों से अस्थिरता पैदा हुई थी, जबकि कुछ लोग इस तरह के मामलों में सावधानी बरतने की बात कह रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को इस प्रकार की किसी संदिग्ध सूचना या लेन-देन के बारे में जानकारी हो तो तुरंत साझा करें।









