सुकमा संवाददाता – दीपक पोड़ियामी
कोंटा। ग्राम पंचायत डोंडरा के सुन्नमगुड़ा कुनेल पारा से बटेर पारा मोलोलबंडा तक करीब 3 किलोमीटर कच्चे रास्ते की दुर्दशा ने एक बार फिर सरकारी “विकास” के दावों की सच्चाई सामने रख दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को एक गर्भवती महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई, लेकिन गांव से मुख्य सड़क तक एंबुलेंस पहुंचना संभव नहीं था। ऐसे में ग्रामीणों ने चारपाई के सहारे महिला को लगभग तीन किलोमीटर दूर एंबुलेंस तक पहुंचाया।
ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग की बरसों से मरम्मत नहीं हुई है, जिसके कारण हर बरसात में यह रास्ता कीचड़ और गड्ढों से भर जाता है। मरीजों, स्कूली बच्चों और गर्भवती महिलाओं को गंभीर परेशानी उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सवाल किया है —
“क्या यही है वह विकास जिसकी बातें सरकार और अधिकारी करते हैं?”
अब ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन तत्काल इस सड़क को पक्का बनवाए ताकि लोगों को इस तरह की परेशानी दोबारा न झेलनी पड़े और वास्तविक विकास दिखाई दे।









