बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
ईसर गौरा-गौरी विवाह का हुआ अदभूत आयोजन
जगदलपुर। आदिवासी ध्रुव गोड़ समाज एवं अन्य सहयोगी समाजों द्वारा जगदलपुर के पथरा गुड़ा में इस वर्ष भी देवों के देव बूढ़ा देव और मां पार्वती की शादी का महापर्व मनाया गया।इसके साक्षी बने शहरवासी।
सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग ईशर गौरा की शादी में शामिल हुए। लोग ईशर गौरा के जयकारे लगाते, नाचते गाते और आतिशबाजी करते हुए चल रहे थे। महिलाएं घर घर से कलश लेकर निकलीं और लंबी कतारों में चल रहीं थीं।सभी लोग अपने इष्ट देव के विवाह में शामिल होकर अपने आप को धन्य समझ रहे थे। यह पावन पर्व मनाने के पीछे एक किंवदंती है कि नई फसल आने की खुशी में नए धान की बाली ईसर गौरा को भेट कर अच्छी फसल की कामना करते हुए अपने इष्ट देव की आराधना करते हैं। ऐसी मान्यता है कि ईसर गौरी की शादी के बाद ही आदिवासी समाज में लोग अपने बच्चों की शादी करते हैं। यह भी मान्यता है कि सुरोती की रात से ही मौसम में बदलाव दिखने लगता है ठंड का अहसास होने लगता है।

इस त्यौहार की एक सप्ताह पहले से तैयारी कर ली जाती है। घरों की लिपाई पोताई और रंग रोगन किया जाता है। ईसर राजा की शादी में कोई कसर बाकी न रहे, इस बात की पूरी सावधानी बरती जाती है। दूसरे दिन विसर्जन का कार्यक्रम होता है जिसमें महिला पुरुष नाचते गाते हुए अपने आराध्य देव का विसर्जन करते हैं। समाज के संभागीय अध्यक्ष संजय ध्रुव, संभागीय सचिव लिलेश्वर ध्रुव, जिला उपाध्यक्ष विक्रम चंद्रवंशी, परिक्षेत्र अध्यक्ष अशोक मंडावी, उपाध्यक्ष करण सिंह नेताम, युवा अध्यक्ष हेमंत चंद्रवंशी, ओमप्रकाश ध्रुव, माता के सेवादार सीताराम नेताम, नीलकंठ ठाकुर गोंचू राम ध्रुव, भगत राम ध्रुव रामनारायण ध्रुव, धनी राम भंडारी, संतोष भंडारी, रमेश नेताम, जितेंद्र नेताम, वेद कुमार, रूप नारायण ध्रुव, महिला प्रकोष्ठ की दया ध्रुव, राधा ध्रुव, गौरी ध्रुव, सुरुजबती नेताम, पायल नेताम, पुष्पा ध्रुव, नीलम ध्रुव, अनिता ध्रुव, सावित्री ध्रुव, लक्ष्मी ठाकुर सहित बड़ी संख्या में सामाजिक सदस्यों सहित गणमान्य लोगों ने उपस्थित होकर इस महति कार्य को संपन्न कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।









