आरंग संवाददाता – सोमन साहू
एग्रीस्टेक पोर्टल मे किसानों को धान बिक्री हेतु पंजीयन की आखिरी तारीख इकतीस अक्टूबर निर्धारित है हकीकत यहहै कि अगर 15नवंबर तक भी तिथि बढाया गया तो भी शासन पेंडिंग प्रकरण का पंजीयन नहीं कर सकता यह किसानों को पता चल गया है कि सरकार किसानों का पूरा धान खरीदना नहीं चाहती इससे आज पचास गांव के किसान प्रमुखों ने आरंग कृषि उपज मंडी मे बैठक कर निर्णय लिया कि पोर्टल मे अनिवार्यता समाप्त करे या हर किसान के सभी रकबे का धान पुरानी पद्धति से करे

इस वर्ष कीट व्याधि से धान फसन की भारी क्षति हुआ है जिसका भरपाई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा राजस्व परिपत्र 6-4 से भरपाई किया जावे 3री मांग हैकि गंगरेल सहित सभी बांधो मे पर्याप्त जलभराव को देखते हुये तत्काल ग्रीष्मकालीन धान फसल लेने का फैसला लिया जावे
4-सहकारी समिति मे किसानों का जमा अमानत राशि पर ब्याज दिया जावे
5..जमीन खरीदी बिक्री मे ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता यथावत रखी जावे ताकि फर्जीवाडा न हो सके

समस्त मांगे इकतीस अक्टूबर तक पूर्ण नही किया गया तो 1 नवम्बर को नेशनल हाईवे पर रसनी टोल प्लाजा के पास मेगा जाम किया जाएगा इसकी सूचना सैंकड़ो किसानो ने थाना पहुंच कर नायब तहसीलदार को मुख्यमंत्री, कलेक्टर, एस डी एम के नाम ज्ञापन दिया गया है ज्ञापन देने वालो मे पारसनाथ साहू वतन चन्द्राकर, द्वारिका साहू, योगेश चन्दराकर, श्रवण चन्द्राकर,धनाजी, हिरेश, दौलतराम, विजयेन्द्र, के के चन्द्राकर, गोविन्द, खिलेश देवांगन प्रवीण बलराम, झनकराम,, घसियाराम भूषणलाल, कमलनारायण, रामशरण, नरोत्तम, केशव, धनेश, उमेश चन्द्राकर,सहित सैकडो किसान उपस्थित थे









