नई दिल्ली-
चंद्रयान-3 को चांद पर सफलतापूर्वक उतारने के बाद अब ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) एक और ऐतिहासिक मिशन की तैयारी में जुट गया है। 2 नवंबर को इसरो अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट LVM3 के ज़रिए देश का अब तक का सबसे भारी संचार उपग्रह CMS-03 लॉन्च करेगा। यह उपग्रह विशेष रूप से भारतीय नौसेना के लिए तैयार किया गया है और देश के समुद्री क्षेत्रों में सुरक्षित संचार सुनिश्चित करेगा।
CMS-03: भारत का सबसे भारी संचार उपग्रह
CMS-03 (कम्युनिकेशन सैटेलाइट-03), जिसे GSAT-7R या GSAT-N2 के नाम से भी जाना जाता है, पूरी तरह भारतीय नौसेना के लिए डिज़ाइन किया गया है।
वजन: लगभग 4,400 किलोग्राम
कक्षा: जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO)
मिशन अवधि: 14–15 वर्ष
फंडिंग: रक्षा मंत्रालय द्वारा
यह उपग्रह समुद्री सीमाओं में नौसेना के जहाजों, पनडुब्बियों और कोस्ट गार्ड्स के बीच सुरक्षित संचार नेटवर्क तैयार करेगा। इसके ज़रिए वॉयस, वीडियो, डेटा ट्रांसफर और नेविगेशन जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी।
CMS-03 में Ka-बैंड हाई थ्रूपुट (HTS) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो 40 बीम्स के ज़रिए 70 Gbps की हाई-स्पीड कनेक्टिविटी देगी। यह भारत के हिंद महासागर, अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और देश के तटीय क्षेत्रों को कवर करेगा।
LVM3 — ISRO का ‘बाहुबली’ रॉकेट
LVM3 (लॉन्च व्हीकल मार्क-3) इसरो का सबसे ताकतवर रॉकेट है, जिसे ‘बाहुबली’ नाम दिया गया है। इसी रॉकेट ने जुलाई 2023 में चंद्रयान-3 को लॉन्च किया था, जिसने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग की थी।
LVM3 की तकनीकी विशेषताएं:
ऊंचाई: 43.5 मीटर (करीब 14 मंज़िल के बराबर)
वजन: 640 टन (800 हाथियों के बराबर)
चरण: 3 (दो सॉलिड बूस्टर + लिक्विड कोर + क्रायोजेनिक अपर स्टेज)
GTO क्षमता: 4 टन तक का पेलोड
लॉन्च साइट: सतीश धवन स्पेस सेंटर, श्रीहरिकोटा
यह रॉकेट पहले दो मिनट में अपने बूस्टर जलाकर ऊंचाई पकड़ता है, फिर कोर स्टेज और अंत में क्रायोजेनिक स्टेज उपग्रह को सही कक्षा में स्थापित करता है। पूरी उड़ान लगभग 20–25 मिनट की होती है।
मिशन का उद्देश्य और महत्व
CMS-03 के लॉन्च के बाद भारतीय नौसेना को समुद्री क्षेत्रों में रीयल-टाइम कम्युनिकेशन की सुविधा मिलेगी। यह उपग्रह न सिर्फ रक्षा संचालन, बल्कि आपदा प्रबंधन, मत्स्य पालन, और समुद्री सुरक्षा के लिए भी अहम भूमिका निभाएगा।
इस मिशन से भारत की अंतरिक्ष तकनीक एक नया मील का पत्थर छुएगी और देश की समुद्री संचार आत्मनिर्भरता (Maritime Communication Independence) को नई मजबूती मिलेगी।
संक्षेप में — ISRO CMS-03 मिशन
विवरण जानकारी
उपग्रह का नाम CMS-03 (GSAT-7R / GSAT-N2)
वजन लगभग 4,400 किलोग्राम
लॉन्च रॉकेट LVM3 (बाहुबली)
लॉन्च तिथि 2 नवंबर 2025
लॉन्च स्थान श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश
लॉन्च मिशन कोड LVM3-M5
उद्देश्य भारतीय नौसेना के लिए सुरक्षित संचार और समुद्री निगरानी
आयु 14–15 वर्ष
स्पीड 70 Gbps तक (Ka-बैंड)
ISRO के लिए यह मिशन सिर्फ तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत की सामरिक ताकत को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम है।









