पेंड्रा संवाददाता दीपक कश्यप
प्रेस विज्ञप्ति
दिनांक: 30 अक्टूबर 2025
स्थान: गौरेला-पेंड्रा-मारवाही
गौरेला-पेंड्रा-मारवाही। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल द्वारा अग्रवाल समाज के ईष्ट देवता महाराजा अग्रसेन जी एवं सिंधी समाज के प्रति की गई अमर्यादित और आपत्तिजनक टिप्पणी के खिलाफ दोनों ही समाजों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। समाज के लोगों ने इसे धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द पर सीधा प्रहार बताया है।
गुरुवार को अग्रवाल समाज और सिंधी समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य पेंड्रा स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने बघेल के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की। समाजजनों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यह बयान न केवल दोनों समाजों की भावनाओं को आहत करता है, बल्कि प्रदेश में नफरत फैलाने की साजिश भी प्रतीत होता है।
क्या कहा था अमित बघेल ने
बताया जा रहा है कि रायपुर में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने की घटना के बाद अमित बघेल ने विवादित बयान देते हुए कहा था —
“पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, अग्रसेन महाराज की मूर्तियाँ क्यों नहीं टूटतीं? उनकी मूर्तियों पर पेशाब क्यों नहीं करते? उनका अपमान क्यों नहीं करते?”
इस बयान के बाद पूरे प्रदेश में अग्रवाल समाज और सिंधी समाज के विभिन्न संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। समाज ने इसे जानबूझकर किया गया राजनीतिक उकसावा बताया, जिसका उद्देश्य सामाजिक एकता को तोड़ना और समुदायों में द्वेष फैलाना है।
कड़ी कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में समाज ने मांग की है कि अमित बघेल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 295A (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) तथा धारा 153A (समाज में वैमनस्य फैलाना) के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर तुरंत गिरफ्तारी की जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में अग्रवाल समाज, सिंधी समाज, व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि, वरिष्ठजन और युवा मंडल के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

आंदोलन की चेतावनी
अग्रवाल समाज के अध्यक्ष प्रमोद गोयल और सिंधी समाज के अध्यक्ष विजय आसनानी ने कहा कि इस तरह की असंवेदनशील टिप्पणी को समाज किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेगा। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रदेशव्यापी शांतिपूर्ण आंदोलन चलाया जाएगा।
नगर पालिका अध्यक्ष राकेश जालान ने प्रदेश सरकार से अपील की कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी समाज, धर्म या महापुरुष के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने का दुस्साहस न कर सके।
समाज की एकजुटता
इस पूरे घटनाक्रम ने अग्रवाल समाज और सिंधी समाज को एकजुट कर दिया है। दोनों समाजों ने कहा है कि वे सामाजिक सौहार्द और आपसी एकता की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर न्याय की लड़ाई सड़क पर उतरकर भी लड़ी जाएगी।









