चीन ने भारतीय कंपनियों को रेअर अर्थ मिनरल्स के आयात के लिए लाइसेंस दिया है। विदेश मंत्रालय ने विगत गुरुवार को इस बात की जानकारी दी। भारत को दुर्लभ पृथ्वी खनिजों की आपूर्ति पर प्रतिबंधों में ढील देने का चीन का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने के प्रयास कर रहे हैं। वहीं शी जिनपिंग के इस फैसले से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की निंद उड़ गई है।
बता दें कि बीजिंग ने पिछले साल कई देशों को आपूर्ति रोक दी थी। रेअर अर्थ मिनरल्स को इलेक्ट्रिक वाहनों, ड्रोन और बैटरी स्टोरेज सहित उच्च-स्तरीय तकनीकी उत्पादों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला में चीन की प्रमुख भूमिका है।
चीन ने दो हफ्ते पहले रेअर अर्थ मिनरल्स, लिथियम बैटरी और दुर्लभ पृथ्वी खनिज आधारित सुपरहार्ड सामग्रियों से संबंधित प्रौद्योगिकियों और उपकरणों के निर्यात पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की थी। भारतीय कंपनियों को लाइसेंस देने के चीन के फैसले को दोनों पक्षों के बीच संबंधों को फिर से बेहतर बनाने के समग्र प्रयासों के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में, दोनों पक्षों ने संबंधों को फिर से बेहतर बनाने के लिए कई पहल की हैं, जिनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करना और भारत द्वारा चीनी नागरिकों को पर्यटक वीजा जारी करना शामिल है।









