बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
= विद्यार्थियों और स्टॉफ ने लिया राष्ट्रीय एकता सुदृढ़ करने का संकल्प =
बकावंड। डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल उलनार में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती उल्लास के साथ मनाई गई। छात्र छात्राओं और पूरे स्कूल स्टॉफ ने राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।
सरदार पटेल एक अद्वितीय नेता और स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया और देश की आजादी के लिए संघर्ष किया। स्वतंत्रता के बाद उन्होंने भारत के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विभिन्न रियासतों को भारत में शामिल करने के लिए कूटनीतिक और सैन्य प्रयासों का नेतृत्व किया। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और नेतृत्व क्षमता के कारण उन्हें लौह पुरुष की उपाधि दी गई थी।

आज भी, सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत और उनके योगदान को भारत में बहुत सम्मान और आदर के साथ याद किया जाता है। डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल उलनार में भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। प्राचार्य मनोज शंकर के निर्देशन में आयोजित विशेष प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय एकता दिवस का महत्व समझा और सरदार पटेल के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ गायत्री मंत्र और प्रार्थना गीत से हुआ, जिसने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। तत्पश्चात शिक्षक देवसिंह नेताम ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए सरदार पटेल के जीवन और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत के प्रथम गृहमंत्री के रूप में 562 रियासतों का एकीकरण कर एक सशक्त और अखंड भारत की नींव रखी। उनके दृढ़ संकल्प, संगठन क्षमता और दूरदर्शिता ने देश को एकता के सूत्र में बांधा।
सभा के दौरान सभी विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय एकता की प्रतिज्ञा ली। कक्षा 10वीं के छात्र राज आचार्य और कक्षा 11वीं के रविप्रकाश ने “भारत की एकता” विषय पर प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया।
इसी क्रम में शिक्षिका मोनिका साहू ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरदार पटेल का जीवन हमें कर्तव्यनिष्ठा, देशभक्ति और एकता का संदेश देता है। हमें उनके आदर्शों का अनुसरण करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। प्रार्थना सभा में सभी शिक्षक शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों और पूरे स्टॉफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का गरिमामय समापन हुआ।









