बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
= आवंटन निरस्त न होने पर आंदोलन की दी चेतावनी =
जगदलपुर। सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग ने नगर के प्रतापगंज पारा में शीट नंबर 78, प्लाट नंबर 165 की 15 हजार 168 वर्गफीट भूमि में से 7 हजार वर्गफीट जमीन जैन समाज को आबंटित करने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। आदिवासी समाज ने यह भूमि बस्तर दशरहा आयोजन एवं सामुदायिक उपयोग हेतु आदिवासी समाज बस्तर संभाग को आबंटित करने की मांग उठाई है।
इस मुद्दे को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने कलेक्टर को आवेदन सौंपा है। आवेदन में कहा गया है कि प्रतापगंज पारा जगदलपुर स्थित शासकीय भूमि भूखंड शीट नंबर 78, प्लाट नंबर 165 क्षेत्रफल 15168 वर्गफीट भुमि के निजी उपयोग पर वर्ष 2022 में पांच समाजों एवं एक व्यक्ति द्वारा लिखित रूप से आपत्ति दर्ज कराई गई थी। सर्व आदिवासी समाज बस्तर जिला द्वारा भी 18 फरवरी 2022 को आपत्ति दर्ज कराई जा चुकी है। इसके बाद 30 मई 2025 को उक्त भूखंड को सर्व आदिवासी समाज या आदिम जाति सहकारी समिति को बेरोजगार युवाओं के व्यापार व्यवसाय हेतु आबंटित करने की आवेदन किया गया है।इसके बावजूद एक समाज को धार्मिक कार्य के लिए 7000 वर्गफीट जमीन आबंटन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह घोर आपत्ति जनक है। बस्तर के बहुसंख्य आदिवासी समाज की उपेक्षा और भेदभाव करते हुए दीगर समाज को निजी उपयोग हेतु भूमि आबंटन करना घोर आपत्तिजनक है। इसका सर्व आदिवासी समाज ने कड़ा विरोध किया है। सर्व आदिवासी समाज ने कहा है कि ऐतिहासिक धरोहर विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले रथ निर्माता कारीगरों, संभाग के नाइक, पाईक, मांझी, मुखियाओं, बस्तर संभाग एवं ओड़िशा, महाराष्ट्र से देवधामी लेकर आने वाले सगाजनों एवं देवधामी हेतु व्यवस्थित व्यवस्था निर्माण, रथ खींचने वाले बस्तरिया लोगों का आवासीय व्यवस्था के लिए उक्त भूखंड पर सर्व सुविधायुक्त बहुमंजिला भवन निर्माण आवश्यक है। दशरहा समापन उपरांत समुदायिक उपयोग हेतु यह भवन उपलब्ध होगा इस जमीन एवं भवन का प्रबंधन सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग, जगदलपुर द्वारा गठित समिति करेगी। आदिवासी समाज ने उक्त भूखंड को बस्तर दशरहा एवं सामुदायिक आयोजन हेतु आदिवासी समाज बस्तर संभाग जगदलपुर को आबंटित करने की मांग की है। जैन समाज को भूमि आबंटन निरस्त नहीं करने पर पूरे संभाग में धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई है।










