हनुमान प्रसाद यादव
एमसीबी- सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में जुलाई महीने से बिजली की दरों में वृद्धि की गयी है उक्त बढ़ी हुई दरों और नये लगाये गये स्मार्ट मीटर से प्रदेश के गरीब तबके और आम जनता अत्यधिक बिजली बिल आने से परेशान है। जबकि छत्तीसगढ़ एक बिजली सरप्लस राज्य है, आम जनता को सस्ती बिजली मिलने के बजाय बिजली महँगी करना समझ से परे है। कहा जा रहा है कि वितरण कंपनी को घाटा हो रहा था इस कारण बिजली दर बढ़ाई गयी है जबकि वितरण कंपनी को अपने खर्चो में कटौती करनी चाहिए थी विद्युत की 4 कंपनियों की जगह है , अगर 1 कंपनी होती तो अतिरिक्त 3 कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारी के वेतन और खर्चो की बचत होती। सरकार विद्युत कंपनियों के खर्चे कम नहीं कर रहे जिसकी भरपाई छत्तीसगढ़ की जनता से बिजली दर में बढाकर की जा रही है। बिल में हर माह ऊर्जा प्रभार के साथ अनेक गैर जरुरी चार्ज लिए जातें हैं। विद्युत कंपनी छत्तीसगढ़ की जनता की जेब काटने का काम कर रही है।

इस कारण आम आदमी पार्टी आज 4 नवम्बर 2025 को प्रदेशव्यापी जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन के जरिए बेतहाशा बिजली दर वृद्धि का विरोध करती है। 3 जुलाई 2025 को भी आम आदमी पार्टी सभी जिलों में बढ़ी हुई बिजली दर पर सरकार को ज्ञापन दिया था और धरना प्रदर्शन किया था किन्तु सरकार ने मांग नहीं मानी इसलिए आम आदमी पार्टी की सरकार से पुनः इस आन्दोलन के माध्यम से मांग है कि आम जनता के हितों को देखते हुए सरकार बढ़ी हुई बिजली दर कम करे।
यदि सरकार बढ़ी हुई बिजली दर को वापिस नहीं लेती है तो आने वाले समय में आम आदमी पार्टी आम जनता के लिए
इससे भी बड़ा आंदोलन/धरना प्रदर्शन करेगी।









