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ठेकेदार के बचाव में क्यों उतरे थानेदार?

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बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
वनभूमि पर अवैध खनन की वीडियोग्राफी कर रहे वनकर्मी को पीटा गोलापल्ली के थानेदार ने 
पीड़ित कर्मचारी ने की एसपी से शिकायत 
जगदलपुर। बस्तर संभाग के सुकमा जिले के गोलापल्ली इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो वनभूमि से मुरुम के अवैध खनन और पेड़ों की अवैध कटाई कराने वाले ठेकेदार के साथ थानेदार की जुगलबंदी को दर्शाता है। सड़क निर्माण में लगे इस ठेकेदार के कृत्यों की वीडियोग्राफी कर रहे एक वनकर्मी की थानेदार ने न सिर्फ पिटाई की, बल्कि उसे केस में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी भी दी और उसके कैमरे से वीडियो एवं फोटो डिलीट कर दी।
            दरअसल सुकमा वन मंडल के गोलापल्ली रेंज में सड़क निर्माण कार्य में अवैध मुरूम उत्खनन को लेकर स क्षेत्र के रेंजर के वाहन चालक द्वारा अवैध मुरूम खनन की फोटोग्राफी की जा रही थी। इस पर गोलापल्ली के थानेदार ने वन  कर्मचारी को फटकार लगाते हुए जमकर पीटा और एफआईआर दर्ज कर अंदर करने की धमकी दी। मौके पर रेंजर को पहुंचता देख थानेदार साहब का गुस्सा शांत हुआ। तेंलगाना के गृहमंत्री के करीबी पेटी ठेकेदार पर थानेदार साहब आखिर इस कदर मेहरबान क्यों हैं? यह सवाल अब उठने लगा है। इस वन क्षेत्र में बिना अनुमति के पेड़ों की अवैध कटाई एवं मुरूम का अवैध उत्खनन भी जोरों से चल रहा था। जिस पर वन विभाग रोक लगाने के लिए पहुंचा था। लेकिन थानेदार साहब को यह कार्रवाई रास नहीं आई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तेंलगाना में कांग्रेस सरकार के गृहमंत्री के करीबी पेटी ठेकेदार को गोलापल्ली में सड़क निर्माण काम मिला है। वन विभाग को सूचना मिली थी कि बिना किसी अनुमति के वन क्षेत्र से सड़क निर्माण के लिए मुरूम का अवैध उत्खनन किया जा रहा है।सूचना के आधार पर गोलापल्ली रेंजर मौके का मुआयना करने पहुंचे थे। रेंजर ने अपने वाहन चालक को मौके की फोटो खींचने के लिए भेजा था। उक्त कर्मचारी द्वारा फोटो खींचे जाने पर वहां के थानेदार कर्मचारी पर आग बबूला हो गए  और कर्मचारी से गाली गलौज करते हुए उसकी जमकर पिटाई कर दी। थानेदार के इस कृत्य से वन विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। इसकी शिकायत वे एसपी से करने वाले हैं।
दरोगा जी को अफसरों का डर नहीं
पुलिस के बड़े अधिकारी आएदिन बैठकें लेकर सभी थानेदारों और मैदानी अमले को आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने, जनता के बीच अपनी अच्छी बनाने और जन सामान्य से समन्वय बनाकर काम करने की नसीहत देते रहते हैं ताकि पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम सके और जनता का विश्वास पुलिस के प्रति बढ़ सके। मगर गोलापल्ली के दरोगा जी को अफसरों की इस नसीहत की जरा भी परवाह नहीं  है। ये थानेदार तो विभाग को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। शासकीय कर्मचारियों के साथ भी गुंडों जैसा सलूक करने लग जाते हैं। बस्तर में नक्सली तो अब बैकफुट पर जा चुके हैं, लेकिन ऐसे पुलिस वालों की गुंडागर्दी से जनता हलाकान परेशान है।
नहीं ली है मुरूम खनन की अनुमति: रेंजर
गोलापल्ली के वन परिक्षेत्र अधिकारी एच. प्रसाद राव ने बताया कि गोलापल्ली सड़क चौड़ीकरण का कार्य करा रहे  ठेकेदार एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा वन विभाग से मुरूम उत्खनन एवं पेड़ काटने के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है। उन्होंने बताया कि 33 घन मीटर से अधिक एरिया में मुरूम का अवैध उत्खनन किया गया है। इस मामले की शिकायत विभाग के उच्च अधिकारी से भी की जा चुकी है। मौका निरीक्षण व फोटोग्राफी के दौरान थानेदार द्वारा चालक से की गई मारपीट की घटना की जानकारी भी वरिष्ठ अधिकारी को दी जा चुकी है। उधर पीड़ित कर्मचारी ने एसडीओपी कोंटा को एसपी के नाम आवेदन सौंप कर थानेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आवेदन की प्रति गृहमंत्री एवं सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री को भी भेजी गई है।
नहीं की मारपीट, फोटो डिलीट की
सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण करने मौके पर पहुंचा तो देखा कि वन कर्मचारी द्वारा सड़क निर्माण कार्य बंद कराया जा रहा था। उक्त कर्मचारी द्वारा मौके की वीडियोग्राफी की गई थी।उसका मोबाईल लेकर सिर्फ फुटेज डिलीट किए, वन कर्मचारी से मारपीट नहीं की।
        सिराज खान-,
     थानेदार गोलापल्ली
वन कर्मचारियों ने एसपी से की शिकायत-
मिला है शिकायत पत्र
 घटना को लेकर रेंजर के वाहन चालक द्वारा एसपी के नाम मुझे शिकायत पत्र प्राप्त हुआ है। शिकायत पत्र को एसपी कार्यालय भेज दिया गया है। वहां से आदेश मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी।
              -राजन नाग,
एसडीओपी, कोंटा

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