बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
= बनियागांव पंचायत के बेलगांव के पास इंद्रावती नदी पर बना पुल जर्जर =
बकावंड। विकासखंड बकावंड के महत्वपूर्ण पुल जो कि एनएमडीसी नगरनार स्टील प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों एवं मजदूरों के आवागमन का एकमात्र साधन है, आज अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चला है और दुर्घटनाओं को निमंत्रण दे रहा है।

इस पुल से होकर भारी वाहन भी गुजरते हैं। बकावंड ब्लाक की ग्राम पंचायत बनियागांव के आश्रित ग्राम बेलगांव के पास इंद्रावती नदी पर बने इस पुल में कांक्रिटीकरण के लिए लगाई गई लोहे की छड़ें बाहर निकल आई हैं। इसी जगह पर ओड़िशा से आने वाली एक नदी भी इंद्रावती नदी में मिलती है। लिहाजा पुल के आसपास पानी का भारी दबाव बना रहता है। इस पुल से होकर रोजाना सैकड़ों लोग आवागमन करते हैं। इनमें नगरनार स्टील प्लांट के कर्मचारी, मजदूर, किसान और विद्यार्थी शामिल हैं।पुल से प्रतिदिन पचासों लोडेड वाहन भी गुजरते हैं। बाहर निकल आई छड़ें, पुल की सड़क पर हुए गड्ढे हादसों की वजह बन रहे हैं। नुकीली छड़ों से वाहनों के टायर अक्सर पंचर होते रहते हैं।लोक निर्माण विभाग के अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी इसे अनदेखा कर रहे हैं। यहां कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है। ग्राम पंचायत बनियागांव के उप सरपंच बलराम बघेल ने जानकरी देते हुए बताया कि पुल पर से बड़ी बड़ी गाड़ियों की आवाजाही होती रहती है। दिन रात टिप्पर, हाईवा, डंपर जैसे भारी वाहन रेत लेकर इसी पुल गुजरते हैं। विभाग के अधिकारियों की लापरवाही लोगों के लिए कभी भी जानलेवा साबित हो सकती है। उप सरपंच बलराम बघेल जो बेलगांव के ही निवासी हैं, ने बताया कि नगरनार स्टील प्लांट में काम करने हजारों लोग रात दिन से इसी पुल से गुजरते हैं। उनकी जान भी हमेशा खतरे में पड़ी रहती है। उप सरपंच बलराम बघेल ने उक्त पुल की तत्काल मरम्मत कराने की मांग लोक निर्माण विभाग और बस्तर जिला प्रशासन से की है।










