बिलासपुर (छत्तीसगढ़)।
न्यायधानी बिलासपुर में उस वक्त सनसनी फैल गई जब अरपा नदी में तैरता हुआ एक शव मिला। यह शव किसी और का नहीं बल्कि हाईकोर्ट के अधिवक्ता राहुल अग्रवाल का था, जो मूल रूप से भाटापारा के रहने वाले थे और पिछले सात वर्षों से मंगला क्षेत्र में रहकर वकालत कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात राहुल अग्रवाल अपने एक मित्र की शादी में मोपका गए थे। देर रात करीब 12 बजे उनकी कार अरपा नदी के पुराने पुल पर खड़ी देखी गई। जब कार कई घंटे तक वहीं खड़ी रही, तो राहगीरों को शक हुआ और पुलिस को सूचना दी गई। रात करीब तीन बजे पुलिस ने कार को थाने पहुंचा दिया, लेकिन उस वक्त तक अधिवक्ता लापता थे।
अगली सुबह अरपा नदी में तैरते हुए एक शव को देखकर स्थानीय लोग घबरा गए। मौके पर मौजूद कुछ युवकों ने नदी की तेज धार में किसी व्यक्ति का हाथ देखा और तुरंत पुलिस को खबर दी। पुलिस और एसडीआरएफ टीम ने मौके पर पहुंचकर भारी मशक्कत के बाद शव को नदी से बाहर निकाला।
शव की पहचान हाईकोर्ट अधिवक्ता राहुल अग्रवाल के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, शव मिलने का स्थान उसी पुल के नीचे है जहां अधिवक्ता की कार खड़ी मिली थी। अब यह जांच का विषय है कि राहुल अग्रवाल ने खुद यह कदम उठाया या फिर यह किसी साजिश का नतीजा है। मौत की असली वजह का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।








