हर साल 10 नवंबर को ‘विश्व विज्ञान दिवस’ मनाया जाता है, जो विज्ञान की भूमिका और उसके महत्व को समाज के सामने रेखांकित करता है। यह दिवस न केवल वैज्ञानिकों के योगदान को सम्मान देने का अवसर है, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि विज्ञान मानवता की प्रगति का आधार है।
विश्व विज्ञान दिवस की शुरुआत यूनेस्को ने 2001 में की थी। इसका उद्देश्य विज्ञान और समाज के बीच के रिश्ते को मजबूत करना, और यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों को वैज्ञानिक विकास से होने वाले लाभों की जानकारी हो। इस वर्ष की थीम है – “साइंस फॉर पीस एंड डेवलपमेंट” यानी “शांति और विकास के लिए विज्ञान”।
आज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य संकट, ऊर्जा की कमी और तकनीकी बदलावों का सामना कर रही है, ऐसे समय में विज्ञान और अनुसंधान ही समाधान की कुंजी हैं। चाहे कोरोना वायरस से लड़ाई हो या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उन्नति – विज्ञान का हर क्षेत्र जीवन को बेहतर बनाने में योगदान दे रहा है।
इस दिन पर हमें विज्ञान में curiosity जगाने, वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने और युवा पीढ़ी को रिसर्च की ओर प्रेरित करने का संकल्प लेना चाहिए। विज्ञान न केवल उत्तर खोजता है, बल्कि नए सवाल खड़ा करके समाज को आगे बढ़ाता है।









