बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
गोचर भूमि पर अवैध निर्माण, विरोध में उतरे करकापाल के ग्रामीण
हिंदू संगठनों ने गौचर भूमि को कब्जामुक्त कराने की उठाई मांग
जगदलपुर। चारा चोर सिर्फ बिहार में नहीं है, बल्कि बस्तर में भी ऐसे लोग मौजूद हैं। गौमाता के दुश्मन ऐसे लोग गोचर भूमि को भी हड़पने और उस पर निर्माण कराने से नहीं हिचक रहे हैं। ऐसा ही एक मामला जगदलपुर तहसील की ग्राम पंचायत बिलोरी से सामने आया है, जहां गोचर भूमि पर एक व्यक्ति द्वारा अवैध कब्जा कर निर्माण कर लिया गया है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों और हिंदू संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है।

विश्व हिंदू परिषद की बस्तर जिला इकाई ने कलेक्टर बस्तर को ज्ञापन सौंपकर जगदलपुर तहसील की ग्राम पंचायत बिलोरी के ग्राम करकापाल की गौचर भूमि पर हुए अवैध कब्जों को तत्काल हटाने की मांग की है। विश्व हिंदू परिषद ने बताया है कि करकापाल में खसरा नंबर 221 की 0.320 हेक्टेयर भूमि चारागाह के रूप में राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। इस भूमि का उपयोग परंपरागत रूप से पशुओं की चराई के लिए किया जाता रहा है। किंतु वर्तमान में उक्त भूमि पर एक व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कार्य किया गया है। यह शासन के नियमों का उल्लंघन एवं शासकीय भूमि पर अनधिकृत कब्जे की श्रेणी में आता है। परिषद ने यह भी उल्लेख किया है कि ग्रामवासियों द्वारा 16 जुलाई 2015 को इस संबंध में जिला प्रशासन को आवेदन दिया गया था, परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। परिषद ने चेताया है कि यह न केवल पशुपालन के लिए हानिकारक है, बल्कि ग्राम के सामाजिक ताने-बाने और कानून व्यवस्था के लिए भी चिंता का विषय है। विश्व हिंदू परिषद ने जिला प्रशासन से मांग की है कि संबंधित विभागों के सहयोग से शीघ्र पहल कर उक्त भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जाए, ताकि ग्रामवासियों को पुनः अपने पशुओं की चराई हेतु भूमि मिल सके। विहिप ने कहा है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर उचित कदम नहीं उठाए गए, तो हिंदू समाज इस विषय पर शांतिपूर्ण आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। परिषद ने आशा व्यक्त की है कि शासन-प्रशासन ग्रामवासियों की भावना का सम्मान करते हुए शीघ्र न्यायसंगत निर्णय लेगा।









