एमसीबी संवाददाता – हनुमान प्रसाद यादव
एमसीबी: जिले में एग्रीस्टेक पोर्टल में खराबी के कारण हजारों किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया है जिस कारण किसान धान ना बिकने की समस्या से चिंतित हैं। लाखों किसानों का गिरदावरी में पंजीयन हुआ है और बहुत से किसानों का पंजीयन अभी भी नहीं हो पाया है जो कि उदाहरण के तौर पर जैसा कि जानकारी मिल रहा है कि धान खरीदी केन्द्र माड़ी सरई सहकारी समिति में 138 किसानों का पंजीयन एवं एग्री स्टेक न होने के कारण किसान परेशान हैं लेकिन सहकारी समिति के कर्मचारियों का आंदोलन के कारण क्षेत्र में किसानों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है किसानों को गेहूं, चना, सरसों की खेती के लिए खाद बीज नहीं मिल पा रहा है किसान यहां वहां भटक रहे हैं साथ ही एग्रीस्टेक में कुछ गड़बड़ी के कारण तथा शासकीय पट्टेदार व वन अधिकार मान्यता प्राप्त पट्टा धारी किसानों का एग्रोस्टेक अभी तक नहीं हो पाना चिंता का विषय है और इस पर शासन प्रशाशन की उदासीनता से किसान धान बेचने से वंचित रह जायेंगे।

साथ ही धान खरीदी के बाद किसानों की खरीदी की राशि को-ऑपरेटिव बैंक में आती है जिससे वहां अनावश्यक भीड़ रहती है और अन्य कारणों से किसानों को बड़ी समस्या होती है। अतः मैं सुखमंती सिंह आम आदमी पार्टी प्रदेश उपाध्यक्ष छ. ग. & जिला पंचायत सदस्य कृषि स्थाई समिति-सभापति इस प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय विष्णु देव साय जी एवं कृषि मंत्री माननीय श्री राम विचार नेताम जी से मांग करती हूं कि प्रदेश के व जिले के पंजीयन से वंचित किसानों का पंजीयन सहकारी समिति के जरिये खरीदी के पहले पहले कराई जाय और सहकारी समिति के कर्मचारियों का हड़ताल खत्म कराते हुए सभी कर्मचारियों के जायज मांगों को मानी जाए और सभी को अपने कार्यों में लौटाकर किसानों के कार्य करने के आदेश दिए जाएं जिससे किसानों की परेशानियां दूर हो सके। साथ ही गिरदावरी में गलती से अपात्र किसानों को सुधार करने तथा धान खरीदी की राशि किसानों के अन्य बैंकों के व्यक्तिगत खातों में भेजने की व्यवस्था की जाये ताकि प्रदेश व M.C.B. जिले के किसानों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना ना करना पड़े। ज्ञापन सौंपते समय मुख्य रूप से आम आदमी पार्टी के कोरबा लोकसभा अध्यक्ष रमाशंकर मिश्रा, विधानसभा अध्यक्ष राजकुमार अहिरवार, कुंवारपुर ब्लॉक अध्यक्ष रज्जू सिंह, वरिष्ठ कार्यकर्ता मनमोहन सांधे, नंदा सिंह (सरपंच), घूरसेन अहिरवार, दुर्गा आदि कई साथी उपस्थित रहे।









