बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
= आसपास के जिलों के भी
समाजजन हुए शामिल =
दल्लीराजहरा। जायसवाल समाज द्वारा भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन जी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान पारिवारिक मिलन समारोह का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 500 सामाजिक बंधुओं ने सहभागिता दी।
समाज के संगठन महामंत्री श्याम जायसवाल ने एक विज्ञप्ति में बताया है कि भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन की जय, बुढ़िया माई की जय, भारत माता की जय, छत्तीसगढ़ महतारी की जय, जायसवाल की जय के घोष से कार्यक्रम शुरू किया गया। सुबह 9 बजे पूजन कार्यक्रम शुरू हुआ। भगवान सहस्त्रबाहु जी व बुढ़िया माई का पूजन किया गया। जिसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। समाज के सभी लोग ने सवल्पाहार ग्रहण किया। फिर परिवारिक मिलन समारोह व समाज के 30 बुजुर्गों का सम्मान कार्यक्रम हुआ। सर्वप्रथम जायसवाल,समाज के अध्यक्ष सुरेश जायसवाल ने अपने अध्यक्षीय भाषण में जायसवाल समाज दल्लीराजहरा के स्वर्णिम इतिहास पर प्रकाश डाला व समाज के प्रथम अध्यक्ष स्व. ओंकारनाथ जायसवाल दूसरे अध्यक्ष स्व. रूपनारायण जायसवाल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। समाज के लिए उनके द्वारा दिए गए उनके योगदान का स्मरण किया। तदपश्चात समाज की महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष सीमा जायसवाल ने अपने उद्बोधन में समाज की मातृशक्तियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला व सभी को एकजुट होकर समाज के लिए कार्य करने का आह्वान किया। युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अमर जायसवाल ने युवाओं की समाज में भूमिका पर प्रकाश डाला व आगामी कार्यक्रम में युवाओं की और अधिक भागदारी होने का भरोसा समाज को दिलाया। संगठन महामंत्री श्याम जायसवाल ने अपना उद्बोधन छत्तीसगढ़ी भाषा में दिया। उन्होंने कहा कि समाज के हर व्यक्ति को अपने बुजुर्गों व माता पिता का सम्मान करना चाहिए व उनकी बातों को मानना चाहिए। समाज की नई पीढ़ी को अब व्यापार, नौकरी के साथ साथ सामाजिक कार्यों में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना जरूरी है। आप सभी कार्यों के साथ सामाजिक कार्यों के लिए भी समय निकालें, सामाजिक बैठकों में सम्मिलित होकर समाज को अपने सुझाव समय समय पर दें। श्याम जायसवाल ने कहा कि अगर हम और आप संगठित नहीं रहेंगे तो हमें कोई भी आंख दिखा सकता है। जो समाज संगठित नहीं रहता, उसका अस्तित्व संकट में आ जा जाता है। इसलिए नई पढ़ी की जिम्मेदारी ज्यादा है कि अपने समाज के इतिहास को जानें समझें और व समाज से जुड़कर काम करें। उपाध्यक्ष रवि जायसवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज के लोगों को अभी काफी काम करने की आवश्यकता है। सामाजिक कार्यों के साथ राजनीतिक क्षेत्र में भी समाज के लोगों को अपनी पकड़ मजबूत करने की आवश्यकता है। आप किसी भी दल में जुड़ें यह आपका विशेषाधिकार है, परंतु नई पीढ़ी को भी ज्यादा से ज्यादा राजनीति में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए। जिससे हमारा समाज और अधिक मजबूत हो सके। इसके पश्चात समाज के बुजुर्गों ने बारी बारी अपने उद्बोधन में समाज के नई पीढ़ी के लोगों को अपना संघर्ष व अनुभव साझा कर आशीर्वाद दिया व आगे भी सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने को कहा। कार्यक्रम का संचालन सन्नी जायसवाल ने किया। आभार प्रदर्शन कोषाध्यक्ष बेनी माधव जायसवाल ने किया। इसमें दल्लीराजहरा, कुसुमकसा, डौंडी, कच्चे, भानुप्रतापपुर, बडगांव, कांकेर के जायसवाल समाज के सदस्य परिवार सहित शामिल हुए। आयोजन की जिम्मेदारी राकेश जायसवाल, प्रदीप जायसवाल, अमित जायसवाल, अमर जायसवाल, अनिल जायसवाल, सन्नी जायसवाल ने संभाली।

बुजुर्गों का हुआ सम्मान
समाज के बुजुर्गों का मुख्य रूप से सम्मान किया गया। सम्मानित किए गए बुजुर्गों में बृजलाल जायसवाल, लालजी जायकावाल, हरि जायसवाल, ओमप्रकाश, मालती जायसवाल, सुभाष जायकवाल, हरिशंकर जायसवाल, मेवाती देवी जायसवाल, सरस्वती देवी जायसवाल, मीना देवी जायसवाल, वृंदा जायसवाल, रावती देवी जायसवाल, माहजन जायसवाल, होशिला जायसवाल, रामबाबू जायसवाल शामिल हैं। समाज के नगर पालिका परिषद दल्लीराजहरा में 2 पार्षद है। वार्ड क्रमांक 02 पूनम शोरी जायसवाल, वार्ड क्रमांक 22 सुरेश जायसवाल इनका भी सम्मान समाज की तरफ से किया गया। अंत में सभी समाजिक बंधुओं में दोपहर का भोजन कर कार्यक्रम का समापन किया।









